नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की 126वीं जयंती श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश के इतिहास में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया।
श्री मोदी ने आज ट्वीट किया, आज पराक्रम दिवस पर, मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और भारत के इतिहास में उनके अद्वितीय योगदान को याद करता हूं। उन्हें औपनिवेशिक शासन के प्रति उनके उग्र प्रतिरोध के लिए याद किया जाएगा। उनके विचारों से गहराई से प्रभावित होकर हम भारत के लिए उनके विजन को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। मोदी ने पराक्रम दिवस (Parakram Diwas) के अवसर पर अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र (Param Vir Chakra) विजेताओं के नाम पर किया। इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनाए जाने वाले नेताजी राष्ट्रीय स्मारक के प्रतिरूप का भी उद्घाटन किया।
अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप का नामकरण प्रथम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर किया गया। इसी प्रकार आकार की दृष्टि से अन्य द्वीपों का नामकरण किया गया। ये नामकरण जिन परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए गए हैं, उनमें -मेजर सोमनाथ शर्मा, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, कैप्टन विक्रम बत्रा और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाण्डेय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, द्वीपों का यह नामकरण राष्ट्र की सम्प्रभुता और अखण्डता की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को श्रद्धांजलि के तौर पर किया जा रहा है। अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने रॉस द्वीप का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के तौर पर किया था। इसी प्रकार नील द्वीप का नाम बदलकर शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप किया गया था।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


