अगरतला। त्रिपुरा विधानसभा की सभी 60 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान होगा। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने मतदान की सारी तैयारियां कर ली हैं। बुधवार की देर शाम तक सभी मतदान केंद्रों पर मतदानकर्मियों की टीम पहुंच गई। राज्य की 60 सीटों के लिए कुल 259 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा और उसकी सहयोगी आईपीएफटी का मुकाबला सीपीएम व कांग्रेस एलायंस के साथ है। प्रादेशिक पार्टी तिपरा मोथा और तृणमूल कांग्रेस भी चुनाव मैदान में हैं। तिपरा मोथा के एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
मतदान के बाद नतीजों के लिए लोगों को 15 दिन से ज्यादा इंतजार करना होगा क्योंकि वोटों की गिनती 27 फरवरी को मेघालय और नगालैंड के मतदान के बाद दो मार्च को होगी। बहरहाल, चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने जोर शोर से प्रचार किया। भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं ने रैली की। कांग्रेस की ओर से कोई बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं गया। कांग्रेस ने वहां का प्रचार सहयोगी सीपीएम के हवाले छोड़ा हुआ है।
त्रिपुरा के आठ जिलों में 60 सीटों के लिए 259 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें 31 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। इनकी किस्मत का फैसला 28,13,478 मतदाता करेंगे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स और राज्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव कराने के लिए 3,327 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए 31 हजार मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा के अलावा कई दिग्गज नेता इस चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक चुनाव लड़ रही हैं तो सीपीएम के मुख्यमंत्री पद के अघोषित दावेदार जितेंद्र चौधरी भी मैदान में हैं।
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