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41 प्रतिशत कम मानसून बारिश

नई दिल्ली। जून के शुरुआती तीन हफ्तों में मानसून की बारिश ‘संचयी औसत (1971-2020)’ से काफी कम दर्ज की गयी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 20 जून तक मानसून की बारिश राष्ट्रीय ‘संचयी औसत’ से करीब 41.4 प्रतिशत कम दर्ज की गयी है। आंकड़ों के अनुसार, 20 जून तक देश में वास्तविक संचयी बारिश केवल 54.4 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य वर्षा का स्तर 92.8 मिलीमीटर होना चाहिए था। इस प्रकार देश भर में कुल मिलाकर 41.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी जा रही है।

मौसम विभाग ने बताया कि देश का मध्य भाग बारिश की इस कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 20 जून तक सामान्य के मुकाबले 65 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ ही पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में भी मानसून की सुस्ती का बड़ा असर देखा गया है, जहां सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी स्थिति चिंताजनक है और वहां सामान्य से 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गयी है। इसके विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत में स्थिति अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी बेहतर और सामान्य के करीब बनी हुई है, जहां अब तक केवल सात प्रतिशत की कमी ही देखी गई है।

मौसम के इन शुरुआती आंकड़ों से साफ है कि उत्तर-पश्चिम भारत को छोड़कर देश के बाकी सभी तीन प्रमुख हिस्सों में मानसून की शुरुआत काफी कमजोर रही है, जिससे आने वाले दिनों में कृषि कार्यों और जलाशयों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। इस बीच मौसम विभाग की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार हालांकि पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में तथा सिक्किम में 22 जून तक तथा पूर्वोत्तर भारत में 25 जून तक अत्यधिक से अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान है।

इसके विपरीत, देश के मध्य और उत्तरी भागों में अभी कुछ दिन और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक भीषण लू की स्थिति बने रहने के आसार हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन, तेलंगाना में अगले दो दिन तक लू का प्रकोप देखा जा सकता है।

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान को लेकर भी सचेत किया है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तथा अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान आने के आसार हैं। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। साथ ही बिजली कड़कने की गंभीर घटनाएं भी हो सकती हैं। अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और 22 जून को राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने के अनुमान जताये गये हैं।

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By NI Desk

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