नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना यानी मनरेगा की जगह लेने के लिए पेश किए गए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी बिल, 2025 पर लोकसभा में देर रात तक चर्चा चलती रही। इस पर बुधवार की शाम पांच बज कर 40 मिनट पर चर्चा की शुरुआत हुई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पहले ही कह दिया था कि सदन देर तक बैठ कर इसकी चर्चा पूरी करेगी और बिल पास होगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि विपक्ष से आग्रह है वह चर्चा के बाद उनका जवाब जरूर सुने। उन्होंने कहा कि इस बिल में रोजगार एक दिन से बढ़ा कर 125 दिन कर दिया गया है। विपक्षी पार्टियां खास कर कांग्रेस ने रोजगार कानून में से महात्मा गांधी का नाम हटाने का विरोध कर रहा है। विपक्ष के सांसदों ने कहा कि सरकार रोजगार की गारंटी खत्म कर रही है और मजदूरों को मिला अधिकार भी इस नए कानून के जरिए छीन रही है।
इससे पहले सुबह में कांग्रेस संसदीय दल कार्यालय में कांग्रेस सांसदों ने बैठक की। बाद में कांग्रेस ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया। इसके बाद कांग्रेस ने संसद के बाहर नए विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। उधर राज्यसभा में निरसन और संशोधन बिल पारित हो गया। इसमें 71 ऐसे कानून जिनकी जरुरत नहीं रह गई है उन्हें खत्म कर दिया गया है। निरसन एवं संशोधन बिल, 2025 को पेश करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा था कि इसका उद्देश्य पुराने कानूनों को हटाना, कानून निर्माण प्रक्रिया के दौरान रह गई त्रुटियों को दूर करना और कुछ कानूनों के भेदभावपूर्ण पहलुओं को समाप्त करना है। यह लोकसभा से मंगलवार को ही पारित हो चुका है।
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