नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 11 दिन हो गए हैं। जंग के 11वें दिन मंगलवार को सबसे बड़े हमले की चेतावनी अमेरिका ने दी है। हालांकि ईरान ने भी इसका उतना ही बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि जंग बहुत जल्दी समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा था कि पहले लग रहा था कि चार से पांच हफ्ते जंग चलेगी लेकिन यह उससे पहले समाप्त हो सकता है।
बहरहाल, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि मंगलवार को ईरान पर अब तक के सबसे बड़े और सबसे तीव्र हमले किए जाएंगे। हेगसेथ ने कहा कि इस हमले में बड़ी संख्या में लड़ाकू और बमवर्षक विमान शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैनिक क्षमता कमजोर हो रही हैं और वह बुरी तरह हार रहा है। वहीं ईरान ने भी जवाब देते हुए कहा है कि वह धमकियों से डरने वाला नहीं है और जो लोग ईरान को खत्म करने की बात करते हैं, उन्हें अपने अंजाम के बारे में सोच लेना चाहिए। ईरान ने मंगलवार को यूएई की राजधानी अबू धाबी में सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे वहां पर आग लग गई।
बहरहाल, ईरान की सुरक्षा के प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी धमकी पर कहा कि ईरानी लोग अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते। लारीजानी ने कहा कि पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि ईरान को मारने के चक्कर में वे खुद ही खत्म हो जाएं।ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान ने भी अमेरिका को जवाब दिया और कहा है कि कोई भी ताकत ईरान को खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ईरान कम से कम छह हजार साल पुरानी सभ्यता का वारिस है और इतिहास में कई हमलावर आए और चले गए, लेकिन ईरान कायम रहा।
इस बीच नीदरलैंड ने ईरान में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच तेहरान से अपने दूतावास से कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है। नीदरलैंड के दूतावास का काम अस्थायी रूप से अजरबैजान की राजधानी बाकू से संचालित की जाएंगी। उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान से बातचीत करने के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह बातचीत की शर्तों पर निर्भर करेगा। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही।


