America

  • अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान पर किये हवाई हमले

    अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात हवाई हमले कर अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है और इस संघर्ष के विस्तार के साथ एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। इसके बावजूद ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं है, जब तक उसे युद्ध क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत नहीं मिल जाती। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि शनिवार शाम स्थानीय समयानुसार सात बजे से लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ नये हवाई हमले शुरू किये गये। सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों में ईरानी सैन्य...

  • अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हमले किये, होर्मुज के पास सैन्य ठिकाने निशाने पर

    अमेरिका के केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार देर रात कहा कि उसने ईरान के खिलाफ एक और चरण के हमले पूरे करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी तटीय क्षेत्रों के निकट दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेंटकॉम ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक पोतों ने सात घंटे तक चले अभियान में ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक क्षमताओं तथा तटीय रक्षा प्रणालियों पर सटीक हमले किये। बयान के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य कारोबारी जहाजों और नागरिक चालक दल के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना...

  • होर्मुज को खुला घोषित करे, पोतों पर हमला नहीं करने का भरोसा दे ईरान: अमेरिका

    अमेरिका ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने की मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले पोतों पर अब हमले नहीं किए जाएंगे। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि तेहरान में जारी अंदरूनी सत्ता संघर्ष के कारण किसी समझौते पर पहुंचना और उसे कायम रख पाना मुश्किल हो गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि इस सप्ताह हमले तब दोबारा शुरू हुए, जब ‘‘ईरानी कट्टरपंथियों के एक गुट ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच...

  • गणतंत्र का मालिक कौन?

    अब लोकतंत्र बंदूक से कम, कारोबार से ज्यादा बदला जाता है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले संस्थाओं की नीलामी शुरू हो जाती है। संविधान बाहर से वैसा ही दिखता है, लेकिन भीतर उसकी आत्मा धीरे धीरे निजी नियंत्रण में चली जाती है। यहीं से गणतंत्र और निजी साम्राज्य के बीच की रेखा धुंधली होने लगती है। अमेरिका की आजादी की ढाई सौवीं वर्षगांठ के समारोह में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भाषण आधी रात के बाद शुरू हुआ। वॉशिंगटन में तूफान, असहनीय गर्मी, रद्द हुए फ्लाईओवर, खाली कराया गया नेशनल मॉल और फिर लोगों को रात ग्यारह बजे दोबारा लौटने...

  • अमेरिका का ‘हार्ड बॉल’

    लॉरेंस बिश्नोई के मामले में उचित यही होगा कि भारत अपनी न्याय प्रक्रिया के तहत आरोपियों पर मुकदमा चलाने के रुख पर कायम रहे। अमेरिकी ‘हार्ड बॉल’ के आगे नरम पड़ना उचित नहीं होगा। अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और पंजाब के पुलिस इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह सहित 37 व्यक्तियों पर विभिन्न अपराधों को अंजाम देने का अभियोग लगाया है। इसके मुताबिक बिश्नोई गिरोह ने जो जुर्म किए, उनमें खालिस्तानी उग्रवादी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या भी है। गुरिंदरजीत सिंह पर चार लाख डॉलर की रिश्वत देने के लिए अमेरिका स्थित एक परिवार को धमकाने का...

  • अमेरिका का मिड टर्म फॉर्मूला बेहतर विकल्प है

    सरकार पूरी तरह से मन बनाए हुए है कि देश के सारे चुनाव एक साथ कराने हैं। इसके लिए पेश किए गए विधेयक पर पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति विचार कर रही है। सरकार परिसीमन के मसले पर भी मन बनाए हुए है कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीटें बढ़ानी है। इसके साथ ही महिला आरक्षण का मामला भी जुड़ा हुआ है। अगर ऐसा होता है तो आजादी के बाद का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और राजनीतिक बदलाव होगा। अगर सरकार अपने उद्देश्य में सफल होती है तो 1971 के बाद पहली बार सीटों की संख्या बढ़ेगी, पहली...

  • The US@250: सबसे श्रेष्ठ होने की ढही कहानियां

    गहराते राजनीतिक ध्रुवीकरण और लगातार तीक्ष्ण होते सामाजिक अंतर्विरोधों के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी स्थापना- यानी ब्रिटिश राजशाही से आजादी की घोषणा- की 250वीं सालगिरह मनाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये अवसर उस समय आया, जब दुनिया पर आठ दशकों से जारी अमेरिकी वर्चस्व की जड़ें डगमगाती मालूम पड़ी हैं। अमेरिकी सैन्य शक्ति की विनाशकारी क्षमता और उसके वित्तीय बाजारों की विशालता पर अभी भी कोई शक नहीं है, लेकिन जिन अन्य पहलुओं ने संयुक्त राज्य का वैश्विक रुतबा बनाया, उनका क्षय आज सबके सामने है। अमेरिकी रुतबे का एक बड़ा पहलू अमेरिका को लेकर प्रचलित रहीं धारणाएं...

  • समझौते के बाद अमेरिका और ईरान आमने-सामने, 19 जून को होगी पहली वार्ता

    संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक पर्वतीय रिसॉर्ट में बैठक की योजना बना रहे हैं। स्विस विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह बैठक उनके समझौते को लागू करने के लिए शुरुआती बातचीत के तौर पर होगी। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का वह स्वागत करता है। यह क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फिलहाल बैठक के एजेंडे और अन्य विवरणों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी...

  • हम क्यों बने हुए हैं अमेरिका के हित-साधक?

    अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्ते को किस रूप में देखता है और भारत से क्या अपेक्षाएं रखता है, इसे दो टूक बयान करने में वहां के युद्ध मंत्री पीट हेगसेट ने कोई लाग-लपेट नहीं बरता। इस वर्ष के सांगरी-ला डायलॉग में दिए उनके भाषण के बाद भारत के लिए यह तय करना आसान हो जाना चाहिए कि अमेरिका से अब क्या उम्मीद रखी जा सकती है? हेगसेट ने 30 मई को सिंगापुर में आयोजित इस डायलॉग को संबोधित किया। उनकी कुछ खास टिप्पणियों पर ध्यान देः दक्षिण एशिया में भारत मोर्चा संभाल सकने वाला शक्तिशाली मुख्य-स्तंभ है। शक्तिशाली भारत...

  • भारत से कमाई कर रहा अमेरिका

    नई दिल्ली। भारत के साथ चार दिन तक हुई व्यापार वार्ता का अंतिम नतीजा नहीं निकला है लेकिन उससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अब तक भारत ने अमेरिका पर बहुत टैरिफ लगा कर फायदा उठाया है लेकिन अब अमेरिका ज्यादा लाभ कमा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भारत से अच्छी कमाई कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका देश भारत के साथ अच्छी व्यापार संधि करेगा। यह कहने के बाद उन्होंने अपनी बात को कवर करने के लिए यह भी कह दिया कि भारत...

  • ईरान से लड़ना नहीं चाहता अमेरिका

    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान दोनों कह रहे हैं कि वे युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन दोनों अपनी पोजिशन से पीछे नहीं हटना चाहते हैं। ईरान ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज की खाड़ी में जहाजों को निकालने का जो सिस्टम बनाना चाह रहा है वह सुरक्षित नहीं है। दूसरी ओर अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान से नहीं लड़ना चाहता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा जरूरी है। गौरतलब है कि अमेरिका ने अपनी नौसेना के जरिए जहाजों को सुरक्षा देकर होर्मुज की खाड़ी से निकालने की बात...

  • अमेरिका में सैकड़ों करोड़ का सट्टा

    भारत में सट्टेबाजी पर रोक है लेकिन अमेरिका सहित कई देशों में इसकी इजाजत है। वहां क्रिकेट से लेकर राजनीति तक हर चीज पर कानूनी रूप से सट्टा लगता है। भारत में चल रहे पांच राज्यों के चुनाव पर वहां एक प्लेटफॉर्म पर ढाई सौ करोड़ रुपए का सट्टा लगा हुआ है। अमेरिका के प्रेडिक्शन मार्केट में एक प्लेटफॉर्म है पॉलीमार्केट यानी पॉलिटिक्स का मार्केट। इस प्लेटफॉर्म पर 26 मिलियन डॉलर यानी करीब 247 करोड़ रुपए का सट्टा लगा है। सही नंबर का अनुमान लगाने वाले को यह रकम मिलेगी। इसमें से 90 फीसदी से ज्यादा यानी करीब 20 मिलियन...

  • अमेरिका ने 34 व्यापारिक जहाज लौटाए

    नई दिल्ली। होर्मुज की खाड़ी में ईरान की नाकाबंदी के जवाब में अमेरिका ने अरब सागर में नाकाबंदी की है। उसने ईरान के विरोध के बावजूद नाकाबंदी जारी रखा है और अब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि व्हाइट हाउस के आदेश के बाद ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी के तहत अमेरिकी नौसेना ने 34 व्यापारिक जहाजों को वापस लौटा दिया है। उन्होंने बताया कि नाकाबंदी लागू होने के बाद समुद्र में निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है। अमेरिकी नाकाबंदी के तहत खासतौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जा रही है, जो ईरान के बंदरगाहों...

  • अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा रही

    नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले करीब पांच दशक में पहली बार अमेरिका और ईरान के बीच आमने सामने की बातचीत हुई। दोनों देशों ने सीधी बातचीत की और युद्ध से जुड़े सभी मसलों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि शनिवार को हुई पहले दौर की वार्ता में ईरान ने लेबनान पर तत्काल हमला रोकने को कहा। करीब दो घंटे की इस बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया और ईरान की तरफ से ईरानी संसद यानी मजलिस के प्रमुख मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने नेतृत्व किया। खबरों के मुताबिक पहले दौर की...

  • अमेरिका ने अपने पायलट को निकाला

    नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने पायलट को निकाल लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट को ईरान की सीमा से निकालने के अभियान को दुनिया का सबसे साहसिक अभियान बताया है। गौरतलब है कि ईरान ने अमेरिका के एफ-15ई लड़ाकू विमान को गिरा दिया था। इनमें से एक पायलट को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था लेकिन दूसरा पायलट ईरान की सीमा में फंस गया था। परंतु अमेरिका ने 36 घंटे के भीतर ईरान से उसके भी बचा कर निकाल लिया है। बताया गया है कि मुख्य पायलट को शुक्रवार रात को ही बचा लिया गया...

  • अमेरिका ने नष्ट किए अपने विमान

    नई दिल्ली। अमेरिका ने अपने पायलट तो बचा लिए लेकिन उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। उसे अपने दो विमान नष्ट करने पड़े। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सीमा में फंसे लड़ाकू विमान एफ-15ई के अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने के लिए भेजे गए दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमान भेजने पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में अमेरिकी सेना ने उन फंसे हुए ट्रांसपोर्ट विमानों को उड़ा दिया, ताकि उनकी तकनीक ईरान के हाथ न लगे। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी पायलट को सफलतापूर्वक निकाल लेने के राष्ट्रपति ट्रंप...

  • अमेरिका जल्दी छोड़ेगा ईरान

    नई दिल्ली। अमेरिका बहुत जल्दी ईरान युद्ध से बाहर हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने दावा किया है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो गया है और जो नए लोग सत्ता संभाल रहे हैं वे पुराने नेताओं से ज्यादा समझदार और कम कट्टरपंथी हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के इन लोगों ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका तुरंत युद्धविराम नहीं करेगा। इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए अब किसी समझौते की...

  • अमेरिका उस युद्ध को समाप्त नहीं कर पाता जिसे वह बार-बार शुरू करता है!

    अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग तरह के युद्ध के लिए बने हैं, अलग-अलग समय-धाराओं पर लड़ते हैं, जबकि ताजा युद्ध ऐसे लड़ा जा रहा है मानो अमेरिका और इज़राइल की सीमाओं से बाहर रहने वाले लोग केवल दृश्य हों, दांव नहीं।.. ईरान ऐसा तंत्र नहीं है जो एक प्रहार से ढह जाए। वह ऐसा तंत्र है जो दबाव को सोख लेता है और उसे फैला देता है — प्रॉक्सी के माध्यम से, क्षेत्रों में, समय के भीतर। उसने चालीस वर्षों तक, भारी कीमत चुकाकर, ठीक इसी तरह के अभियान से बचना सीखा है। वह ग्यारह वर्ष की थी और एक...

  • भारत पर फिर टैरिफ लगा सकता है अमेरिका

    नई दिल्ली। अमेरिका एक बार फिर भारत और कुछ अन्य देशों पर टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। उससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन सहित 16 प्रमुख कारोबारी साझेदारों के खिलाफ ट्रेड टैरिफ एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत जांच करा रहा है। अगर इस जांच में पता चलता है कि इन देशों ने अपने यहां सामान बना कर अमेरिका में डंप किया या किसी दूसरे तरह की व्यापारिक गड़बड़ी की है तो वह टैरिफ लगा सकता है। सेक्शन 301 अमेरिका को उन देशों पर एकतरफा टैक्स बढ़ाने की शक्ति देता है, जो...

  • अमेरिका ने सबसे बड़े हमले की धमकी दी

    नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 11 दिन हो गए हैं। जंग के 11वें दिन मंगलवार को सबसे बड़े हमले की चेतावनी अमेरिका ने दी है। हालांकि ईरान ने भी इसका उतना ही बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि जंग बहुत जल्दी समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा था कि पहले लग रहा था कि चार से पांच हफ्ते जंग चलेगी लेकिन यह उससे पहले समाप्त हो सकता है। बहरहाल, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि मंगलवार को...

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