पेरिस। अमेरिका ने मंगलवार को घोषणा की कि वह एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) से बाहर निकल रहा है। अमेरिका का आरोप है कि यह संस्था इजराइल विरोधी पूर्वाग्रह से ग्रस्त है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका दो साल पहले ही संगठन में पुनः शामिल हुआ था। यह तीसरी बार होगा जब अमेरिका यूनेस्को से बाहर निकलेगा। व्हाइट हाउस की उप प्रवक्ता एना केली ने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ को बताया कि “राष्ट्रपति ट्रंप ने यूनेस्को से अमेरिका को बाहर करने का फैसला किया है क्योंकि यह संगठन विभाजनकारी सांस्कृतिक-सामाजिक मुद्दों का समर्थन करता है।”
यूनेस्को और व्हाइट हाउस ने इस निर्णय की पुष्टि नहीं की है, लेकिन पूर्ववर्ती घटनाओं की कड़ी को देखते हुए यह संभावित है। ट्रंप प्रशासन ने 2017 में इसी कारण यूनेस्को से अलग होने का फैसला किया था, जो 2018 में लागू हुआ। 2011 में जब फलस्तीन को सदस्यता दी गई, तब से अमेरिका और इजराइल ने वित्तीय सहयोग बंद कर दिया था।
बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका फिर शामिल हुआ था, लेकिन ताजा निर्णय के अनुसार दिसंबर 2026 के अंत तक अमेरिका संगठन से बाहर हो जाएगा।
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