नई दिल्ली। राज्यसभा में संविधान पर हुई दो दिन की चर्चा का समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण से हुआ। अमित शाह ने भी भाजपा के बाकी नेताओं की तरह अपने भाषण में कांग्रेस पर हमला किया और संविधान के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है। लेकिन संसद के दोनों सदनों में हुई चर्चा के दौरान बोले भाजपा के बाकी नेताओं से अलग अमित शाह ने संविधान की महानता बताने वाली बातें कहीं। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और विकास का श्रेय संविधान को दिया। शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस को आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा कि वह मुस्लिमों को आरक्षण देना चाहती है इसलिए आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से बढ़ाने की बात कर रही है।
राज्यसभा में अमित शाह ने मंगलवार को कहा- देश में लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक गहरी हैं। इसने अनेक तानाशाहों के अहंकार, गुमान को चूर चूर किया है। जो कहते थे भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे, हम आज दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। यह हम सबके लिए गौरव लेने का पल है। संकल्प लेने का पल है। उन्होंने कहा- संविधान का सम्मान सिर्फ बातों में नहीं, कृति में भी होना चाहिए।
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कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा- इस चुनाव में अजीबोगरीब नजारा देखा। आम सभा में संविधान को लहराया नहीं। संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस के नेताओं ने किया। संविधान लहराने का विषय नहीं है, संविधान तो विश्वास का विषय है, श्रद्धा का विषय है। अमित शाह ने कहा- महाराष्ट्र चुनाव में संविधान बांटे गए। एक पत्रकार के हाथ में आ गया। कोरा था। प्रस्तावना तक नहीं थी। 75 साल के इतिहास में संविधान के नाम पर इतना बड़ा छल हमने नहीं देखा है, न सुना है। कांग्रेस पर तंज करते हुए शाह ने कहा- हार का कारण ढूंढते हैं, बता दूं कि लोग जान गए कि संविधान की फर्जी कॉपी लेकर घूमते हो तो लोगों ने हरा दिया।
संविधान, आजादी और लोकतंत्र की महत्ता बताते हुए अमित शाह ने कहा- 75 साल हो गए हमारे पड़ोस और दुनिया भर में लोकतंत्र सफल नहीं हुआ। हमारे लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक मजबूत हैं। उन्होंने कहा- जब हम आजाद हुए तब कई लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि देश बिखर जाएगा, देश में एकता नहीं हो सकती। देश आर्थिक निर्भर नहीं हो सकता। सरदार पटेल के कारण देश एक होकर खड़ा है।
कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा- अब कांग्रेस चुनाव हारती है तो ईवीएम को दोष देते हैं। महाराष्ट्र में सूपड़ा साफ हुआ, उसी दिन झारखंड में जीते। महाराष्ट्र में ईवीएम खराब है, झारखंड में नए कपड़े पहनकर शपथ ले ली। एक जगह ईवीएम खराब है, एक जगह सही हो गई ये कैसे हो सकता है।
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Image Source: ANI


