नई दिल्ली। देश में बढ़ते चीनी संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर यानी बिना रिफाइन की गई चीनी के आयात की मंजूरी दे दी है। यह खरीद आयात शुल्क से मुक्त होगी। इसका अर्थ है कि विदेश से खरीदी गई चीनी पर कोई शुल्क नहीं लगेगी। इसका मकसद देश में चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ साथ इसकी कीमतों को भी नियंत्रित करना है। गौरतलब है कि पिछले दो हफ्ते में चीनी की कीमत प्रति किलो 20 रुपए तक बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इथेनॉल बनाने में गन्ने के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण यह समस्या बढ़ी है।
गुरुवार को विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी ने इस चीनी आयात के संबंध में अधिसूचना जारी की है। बताया गया है कि घरेलू बाजार में चीनी का स्टॉक बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में बताया है कि टैरिफ रेट कोटा के तहत रॉ शुगर का आयात किया जा सकेगा और ये सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।
इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयात किए गए रॉ शुगर से तैयार की गई रिफाइंड चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य होगा। यानी इस योजना के तहत आयात की गई चीनी को दोबारा निर्यात नहीं किया जा सकेगा। जाहिर है कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शुल्क मुक्त चीन आयात कर व्यापारी उसे रिफाइंड कर फिर से विदेशों में न बेच दें। सरकार ने यह भी कहा है कि इस प्रक्रिया पर कुछ अन्य शर्तें भी लागू रहेंगी।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



