नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका की सैनिक ताकत को बड़ा झटका दिया है। उसने बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिका का एक ई-3 सेंट्री विमान तबाह कर दिया है। आसमान में दूर तक निगरानी करने वाला यह विमान एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम यानी अवाक्स विमान है। यह सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर खड़ा था, जहां ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में में अमेरिका के 15 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अवाक्स विमान अमेरिका की बड़ी सैनिक ताकत है। यह उन्नत रडार के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर तक विमान और मिसाइलों की निगरानी करता है और सेना को रियल टाइम में जानकारी देता है। यह हमला शनिवार को हुआ था, जिसमें 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। बताया जा रहा है कि ईंधन भरने वाले कई विमानों को भी नुकसान पहुंचा। ईरान का यह हमला अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग से पहले अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 16 ऑपरेशनल ई-3 सेंट्री विमान बचे है। अमेरिकी मीडिया ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने यह भी बताया है कि इन विमानों का तुरंत कोई आसान विकल्प उपलब्ध नहीं है। इनका संभावित विकल्प ई-7 वेजटेल को बताया जा रहा है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 58 सौ करोड़ रुपए है। बहरहाल, जंग के 30 दिन बाद भी ईरान लगातार हमले जारी रखे हुए है। उसके ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद इजराइल के दक्षिणी हिस्से में एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई। बताया जा रहा है बेरशेबा के पास स्थित नियोट होवाव इंडस्ट्रियल जोन में मिसाइल गिरने के बाद आग भड़क उठी।
उधर ईरान ने सीरिया के हसाका इलाके में अमेरिकी बेस के पास ड्रोन से हमला किया। इस हमले के बाद एक गेहूं गोदाम तबाह हो गया। ईरान ने यह भी बताया कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के एक एयरबेस को ड्रोन से निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अजराक में मुवाफ्फाक साल्ती एयरबेस पर यह हमला किया गया, जो अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अहम माना जाता है।
इस बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे तो उन्हें जला दिया जाएगा। ईरानी संसद मजलिस के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रही है और उन्हें कड़ा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में ढाई हजार अमेरिकी मरीन की तैनाती से तनाव बढ़ा है। गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका एक तरफ बातचीत की बात कर रहा है और दूसरी तरफ जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है।


