मुंबई। जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मल्हम लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सबको प्रदर्शन और आंदोलन करने का अधिकार दिया है। भागवत ने कहा कि ‘जेन जी’ के छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया, इस वजह से उनको देश विरोधी नहीं कहा जा सकता है। वे यहां तक कह गए कि’ जेन जी’ और उसके बाद वाली ‘जेन अल्फा’, अपने से पहले वाली पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है।
मोहन भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बात सुनी जानी चाहिए। सरकार की कमियां बताते हुए भागवत ने कहा, ‘हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ’। असल में नई पीढ़ी के युवाओं के साथ संवाद का एक कार्यक्रम मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में रखा गया था। इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी आईआईएमयूएन ने अपनी 15वीं वर्षगांठ पर इसका आयोजन किया था। इसमें संघ प्रमुख ने ‘जेन जी’ के युवाओं के साथ सीधा संवाद किया।
गौरतलब है कि नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने जंतर मंतर पर 36 दिन तक आंदोलन किया था। उस आंदोलन की वजह से धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। बाद में पैलेट गन से फायरिंग की खबर भी आई। संघ प्रमुख ने इसकी भी जांच कराने की मांग की है।
उस प्रदर्शन के बाद ही आरएसएस प्रमुख के छात्रों से संवाद का कार्यक्रम बना। इसमें संघ प्रमुख ने दो टूक अंदाज में कहा कि आंदोलन तब होता है, जब बातचीत नाकाम हो जाती है। अगर सरकार ने पहले ही बात कर ली होती, तो आंदोलन की जरूरत नहीं होती। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि आंदोलन भी बातचीत का एक तरीका है। हालांकि उन्होंने ‘जेन जी’ को नसीहत भी दी। मोहन भागवत ने कहा कि ‘जेन जी’ को आंदोलन नहीं करना चाहिए, यह तो हम नहीं कहेंगे। संविधान में लिखा है कि प्रदर्शन करना चाहिए, लेकिन यह कैसे करना है, उसे देखना चाहिए।
भागवत ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा, ‘हमें भी देखना होगा कि अगर ‘जेन जी’ चिल्ला रही है, तो कोई तकलीफ है, तभी चिल्ला रही है। आंदोलन हमारे या आपके खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए’। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर ‘जेन जी’ आंदोलन कर रही है, तो वह एंटी नेशनल नहीं है। वे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनसे हमारा संबंध है। उन्हें हमारी बात समझनी चाहिए और हमें उनकी बात समझनी चाहिए’। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में कुछ उपद्रवी शामिल हो गए थे, ऐसा उन्होंने अखबारों में पढ़ा। लेकिन उनको अगर भरोसा करना होगा तो वे आंख मूंद कर ‘जेन जी’ पर भरोसा करेंगे।
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