mohan bhagwat

  • साजिश ट्रंप, पुतिन, शी की या मोदी, शाह की?

    मोहन भागवत आरएसएस के सौ साल के सफर की बुद्धि को खुद ही एक्सपोज कर दे रहे हैं। वे विदेशी साजिश की बात कर उस सरकार का बचाव कर रहे हैं, जिसने पूरे संघ परिवार के चाल, चेहरे, चरित्र को भ्रष्ट किया है। जो ट्रंप हों या शी जिनपिंग, सभी के अलग-अलग दबावों में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बेच खा रहे हैं। जिन्होने संघ और खुद मोहन भागवत में इतना भी साहस नहीं छोड़ा कि दिन को दिन, रात को रात कह सकें! खुद्दारी, ईमानदारी से सच्ची बात (आलोचना) कर सकें। स्वदेश के हर मामले को जिन्होने बाजार, खरीद-फरोख्त, सत्ता...

  • किसने भारतीयों को ही भारत का दुश्मन बनाया?

    सवाल है, कौन भारत को भीतर से तोड़ रहा है? किस विदेशी ताकत ने भारतीय नागरिकों को कॉकरोच कहा? किसने अपने ही देश के बुद्धिजीवियों, छात्रों, पत्रकारों और आंदोलनकारियों को टुकड़े-टुकड़े गैंग, अर्बन नक्सल और देशविरोधी करार दिया? किस विदेशी सरकार ने भारत के करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए? और किस विदेशी खुफिया एजेंसी ने उन नागरिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया, जो अपना मताधिकार बचाने की माँग कर रहे हैं? मतलब भारत में भारतीयों को ही संदिग्ध बनाने की राजनीति है किसकी? क्या मोहन भागवत या संघ के पास इसका जवाब है? भागवत...

  • साजिश है तो मुकाबले की तैयारी क्या है?

    फिलहाल ‘फ्लेवर ऑफ द सीजन’ विदेशी साजिश का है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक सेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में मोहन भागवत ने कहा कि विदेशी ताकतें भारत के खिलाफ साजिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ देशों को भारत की तरक्की पसंद नहीं आ रही है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी बात को दोहराया। उन्होंने भी विजयादशमी के दिन ही यह बात कही। उसके बाद से हर नेता, मंत्री यह कहानी सुना रहा है। वैसे यह कहानी सुनाने की शुरुआत थोड़े दिन पहले हुई थी, जब घरेलू राजनीति में नैरेटिव का कंट्रोल...

  • विदेशी साजिश के आरोपों में नया क्या है?

    एक शेर है कि ‘सैफ अंदाज ए बयां से बदल जाती है बात, वरना इस दुनिया में कोई बात नई बात नहीं होती’। गालिब ने भी कहा है कि उनका अंदाज ए बयां बाकी सुखनवरों से अलग है। कहने का मतलब है कि बात भले नई नहीं हो लेकिन अगर उसे अलग अंदाज में कहा जाए तो सुनने वाले को अच्छा लगता है और संदेश दूर तक जाता है। परंतु राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में मंगलवार, 20 अक्टूबर को जो कहा उसमें न तो कुछ नया...

  • हकीकत से मुंह मोड़ना

    मुंह मोड़ लेने से वो ठोस हकीकतें नहीं बदल जाएंगी, जिस कारण देश में अशांति का माहौल बना है। अतः बेहतर यह होगा कि सत्ता पक्ष आंदोलनकारियों से संवाद बनाते हुए उनका भरोसा हासिल करे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विजय दशमी पर जो कहा, उसका सार है कि भारत के खिलाफ कोई बड़ी साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि कुछ “दानवी शक्तियां” भारत, हिंदुओं, और आरएसएस को विघटित करने की कोशिश में हैं। फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल, बांग्लादेश आदि में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि इनके पीछे जो शक्तियां मौजूद रही...

  • मोहन भागवत के मुताबिक किसका उदय होगा?

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों युवा धर्म संसद कार्यक्रम में अपने भाषण में कहा कि जिसका उदय होता है उसका अस्त निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई समझता है कि हमेशा सब कुछ उसके हिसाब से ही होगा तो ऐसा नहीं होता है। उनके इस बयान के बाद एक कयास तो इस बात का लगाया जा रहा है कि उन्होंने किसके अस्त होने की बात कही है। लेकिन साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई है, अगर उनके हिसाब से किसी का अस्त होना है तो उसके बाद किसका उदय होगा? ध्यान रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र...

  • भागवत का अस्त होने वाला इशारा किसके

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने युवा धर्म संसद में फिर ऐसी बात कही है, जिसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और कयास लगाया जा रहा है कि वे किसकी ओर इशार कर रहे थे। उन्होंने अहंकार को लेकर कहा कि जिसका उदय हुआ है उसका अस्त भी होगा। इसके लिए उन्होंने सूर्य का उदाहरण दिया। भागवत ने कहा कि अगर कोई समझता है कि हर समय उसकी ही सत्ता रहेगी और सब कुछ उसके हिसाब से ही होगा तो ऐसा नहीं होता है। उनके इस बयान के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है। माना...

  • यूजीसी का दिशानिर्देश कानून नहीं बनेगा

    यह बात राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कही है। वे एक जैन धर्मगुरू से मिलने गए थे, जहां उनसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी के समानता वाले दिशानिर्देशों के बारे में पूछा गया था। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाने का जो दिशानिर्देश जारी किया है वह अभी कानून नहीं बना है और कभी भी कानून नहीं बनेगा। उनका यह बयान बहुत बड़ा है और इससे दो सवाल उठते हैं। पहला सवाल तो यह है कि क्या मोहन भागवत की सरकार में कोई ऑथोरिटी है, जो वे...

  • भीलवाड़ा पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य पुलक सागर से की धर्मचर्चा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को भीलवाड़ा पहुंचे। श्री भागवत ने यहां शास्त्री नगर स्थित सूर्य महल में चल रहे आचार्य पुलक सागर महाराज के चातुर्मास कार्यक्रम में शिरकत करके उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों महानुभावों के बीच करीब 40 मिनट तक महत्वपूर्ण विषयों पर धर्म चर्चा हुई। बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु सामाजिक समरसता, जातिवाद से ऊपर उठकर समाज में एकजुटता कायम करना और राष्ट्र निर्माण में सहयोग जैसे गंभीर मुद्दे रहे। इस दौरान आचार्य पुलक सागर के जीवन पर आधारित और उनकी भक्त सरोज शाह द्वारा लिखित पुस्तक 'एक और मुक्तिदूत' का विमोचन...

  • विविधता भारत के डीएनए में: भागवत

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डेन का कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई संगठनों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया था लेकिन किसी ने इसमें बाधा नहीं डाली। भागवत ने पांच हजार से ज्यादा भारतीय अमेरिकियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत के डीएनए में एकता और विविधता है। इससे पहले न्यूयॉर्क में ही एक अन्य कार्यक्रम ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ उन्होंने हिंदुओं को पाठ पढ़ाते हुए कहा कि जो हिंदू कहता है कि मुसलमानों को देश में नहीं रहना चाहिए वह असल में हिंदू...

  • भागवत की यूएस यात्रा से पहले बढ़ा विवाद

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से पहले विवाद बढ़ गया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई व्यक्तियों और संगठनों ने उनकी यात्रा का विरोध किया है। इस बीच गुरुवार को अमेरिकन हिंदूज फॉर इंगेजमेंट एंड डायलॉग फोरम यानी अहेड का एक्स अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह संस्था मोहन भागवत के कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक कार्यक्रम होने वाला है, जिसे ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ नाम दिया...

  • खोखा संघ और नियति मठ!

    सन् 1980 में अटलबिहारी वाजपेयी के सुर में जनसंघ का जब भाजपा नाम से जन्म हुआ तब संघ के प्रमुख थे बालासाहब देवरस। फिर प्रो. राजेंद्रसिंह, सुदर्शन बने। तब भाउराव देवरस भाजपा के साथ संघ के समन्वयक थे। (जैसे इन दिनों अरूणकुमार है) कर्नाटक के एक एच. वी. शेषाद्रि, दत्तोपंत ठेंगड़ी, मोरोपंत पिंगले, यादवराव जोशी, एकनाथ रानाडे जैसे वे प्रचारक भी थे जो वैचारिक तौर पर चाहे जितने ठस हो लेकिन चाल, चेहरे, चरित्र में बेदाग थे। इंदिरा गांधी से ले कर राजीव गांधी, नरसिंहराव, वीपीसिंह आदि कईयों से इन प्रचारकों की मुलाकात हुई थी। ये भरोसा पैदा करते थे,...

  • भागवत ने पहले क्यों नहीं बोला?

    चिड़ियां खेत चुग गईं और कल, शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “चिड़ियों को भी चुगने का अधिकार है…” इतना ही नहीं वे आंख मूंदकर ‘जेन-ज़ी’ पर भरोसा करने की बात कर रहे थे। तब प्रश्न है कि सात अगस्त 2026 को मोहन भागवत कहां थे, जब संसद मार्ग पर बच्चे-बच्चियों पर लाठियां बरस रही थीं, पैलेट गन के छर्रे दागे जा रहे थे? या फिर 15 मई 2026 को वे किस मनःस्थिति में थे, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों को फटकारते हुए देश के ही कुछ नागरिकों...

  • ‘मेरा जेन-ज़ी, तेरा जेन-ज़ी’ का बीजारोपण

    भाजपा की भावी संभावनाओं का ‘मोशा’ ने जिस तरह नाश किया और आरएसएस की नेकनीयत-छवि का लिमये ने जिस तरह सत्यानाश किया, उस के बाद भागवत ने मरम्मत के औजार ले कर मैदान में उतरने में देर करना ठीक नहीं समझा। इसलिए मुंबई के नीता-मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में देश भर के दो हज़ार चुनिंदा युवाओं के बीच भागवत ने शिक्षा प्रणाली, आरक्षण, समलैंगिक विवाह और सामाजिक सद्भाव जैसे पेचीदे मसलों पर अपनी बात रखी। बड़े सलीके से रखी। चाशनी में डुबा कर रखी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा जेन-ज़ी के मन में घुमड़ रहे मसलों के...

  • ‘जेन जी’ के पक्ष में उतरे भागवत

    मुंबई। जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मल्हम लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सबको प्रदर्शन और आंदोलन करने का अधिकार दिया है। भागवत ने कहा कि ‘जेन जी’ के छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया, इस वजह से उनको देश विरोधी नहीं कहा जा सकता है। वे यहां तक कह गए कि’ जेन जी’ और उसके बाद वाली ‘जेन अल्फा’, अपने से पहले वाली पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बात सुनी...

  • मोदी-भागवत मल्लयुद्ध का धारावाहिक

    सोचने की बात यह है कि आज गडकरी के साथ, जो कुछ हो रहा है, क्यों हो रहा है? इस के बीज कम-से-कम 17 साल पुराने हैं। तब नरेंद्र भाई गुजरात के मुख्यमंत्री थे और गडकरी 2009 में भाजपा के अध्यक्ष बन गए थे।... पूरा देश पूछ रहा है कि पेट्रोलियम मंत्री तो हरदीप सिंह पुरी हैं, गडकरी तो राजमार्ग-परिवहन मंत्री हैं, फिर पेट्रोल में इथेनाल के मिश्रण का प्रतिशत तय करने और इस जनविरोधी कदम का इतने आक्रामक तरीके से बचाव करने में उन की इतनी केंद्रीय भूमिका क्यों है? नितिन जयराम गडकरी की मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक-व्यक्तिगत बदहाली देख कर...

  • संक्रमण काले, विपरीत बुद्धि?

    अब यूजीसी की 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम' (“प्रोमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इन्सटीच्यूशंस रेगुलेशंस, 2026”) के नाम पर नया जुल्म आया है। … अच्छा होता, संघ-भाजपा के जीर्ण नेता नया नेतृत्व लाने पर बुद्धि लगाते। पार्टियों में ही नहीं, सरकारों के लिए भी। ताकि देश में कुशल, संयमी और बेहतर नेतृत्व विकसित हो। कुर्सी से चिपके रहने की लज्जाजनक परंपरा खत्म हो। उस लालसा में देश के संसाधन, समय, और सामाजिक ऊर्जा की अकूत बर्बादी बन्द हो। पर यह करने के बदले वे काल से लड़ना चाह रहे हैं! संघ-भाजपा एक संक्रमण के...

  • मुसलमानों को हिन्दू कहना

    मोहन भागवत की बातों पर मौलाना मदनी और ओवैसी जरूर हँसे होंगे। जबकि जानकार हिन्दू अपना माथा ठोकते होंगे -- यह ऐसा विचित्र है।... संघ नेता अपने कथन के झूठ से परिचित हैं। वरना, इन सौ सालों में उन का कोई सरकार्यवाह या संघचालक कोई भारतीय असदुद्दीन या शहाबुद्दीन भी होता। क्योंकि आर.एस.एस. के अनुसार असदुद्दीन भी हिन्दू है और आर.एस.एस. हिन्दुओं का संगठन है! पर कोई शहाबुद्दीन आर.एस.एस. का सरसंघचालक या कारयवाह नहीं बनाया गया।... वस्तुत: आत्म-प्रवंचना हिन्दू नेतृत्व की आम बीमारी रही है। अपने को हर विषय का ज्ञाता मानना इस का एक मुख्य तत्व है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

  • भागवत ने दो सौ साल तक आरक्षण की बात कही

    देहरादून। कोई 10 साल पहले बिहार में आरक्षण की समीक्षा की जरुरत का बयान देने वाले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अगर दो सौ साल तक आरक्षण देना पड़े तो वह भी देना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि समाज के एक वर्ग का दो हजार साल तक उत्पीड़न हुआ है। मोहन भागवत ने इस देश में रहने वाले सभी नागरिकों को हिंदू बताते हुए कहा कि हिंदू बनने के लिए कुछ छोड़ना नहीं पड़ता है। देहरादून में प्रबुद्धजनों की गोष्ठी में संघ प्रमुख ने कहा, ‘हिंदू समाज के एक हिस्से...

  • मुंबई में भागवत की मुलाकातें!

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का समारोह चल रहा है। इसके तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के अलग अलग हिस्सों में व्याख्यान दे रहे हैं और समाज के महत्वपूर्ण लोगों से मिल कर उनको संघ के बारे में बता रहे हैं। पिछले हफ्ते वे दो दिन तक मुंबई में थे और व्याख्यान दिया। इस दौरान उनकी जो मुलाकातें हुई हैं वह माशाअल्ला हैं। कमाल की मुलाकातें हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि उनकी ये मुलाकातें संयोग थीं या किसी प्रयोग का हिस्सा थीं? हो सकता है कि संघ प्रमुख और भी बहुत लोगों से मिलें हों...

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