mohan bhagwat

  • मुझे और मोदी को धर्म ही चला रहा है- भागवत

    मुंबई। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है, ‘मुझे और नरेंद्र मोदी को धर्म ही चला रहा है’। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को कंट्रोल करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है। जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा, वह विश्वगुरु बना रहेगा। गौरतलब है कि मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के एक सौ...

  • संघ धीरे धीरे विकसित हो रहा है: भागवत

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात को खारिज किया है कि संघ बदल गया है। उन्होंने कहा है कि समय के साथ संघ का स्वरूप सामने आ रहा है। संघ प्रमुख ने रविवार को कहा कि संघ बदला नहीं है, बल्कि धीरे धीरे विकसित हो रहा और समय के साथ उसका स्वरूप सामने आया है। उन्होंने कहा कि लोग इसे बदलाव के रूप में देख रहे हैं, जबकि मूल विचार और चरित्र वही है। मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के एक सौ साल की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के गीतों के एलबम...

  • भागवत क्यों दूरी दिखा रहे भाजपा से

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर संघ और भाजपा की दूरी बताई है। यह हैरानी की बात है कि बिना किसी संदर्भ के अचानक उन्होंने कहना शुरू किया है कि भाजपा के नजरिए से आरएसएस को देखने की जरुरत नहीं है। यह बात पिछले दिनों उन्होने कोलकाता में कही थी, जहां वे संघ के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर चल रहे व्याख्यान की शृंखला में भाषण देने गए थे। अब दो हफ्ते के भीतर उन्होंने फिर कहा है कि भाजपा के नजरिए से संघ को देखने की जरुरत नहीं है।...

  • भागवत के बयान की टाइमिंग का सवाल

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर देश के अलग अलग शहरों में संघ प्रमुख मोहन भागवत के संवाद की शृंखला चल रही है। कोलकाता में संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई बातें कहीं। हिंदू राष्ट्र को लेकर तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में और समाज में तेजी से प्रचलित हो रही लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। लेकिन सबसे दिलचस्प बयान यह था कि आरएसएस को भाजपा के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग आरएसएस को भाजपा के...

  • भागवत ने हिंदुओं की मदद का आह्वान किया

    कोलकाता। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद का आह्वान किया है। आरएसएस के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित संवाद के कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं, इसलिए हालात मुश्किल हैं। उन्होंने कहा, ‘हिंदुओं को अगर बांग्लादेश में सुरक्षित रहना है तो एकजुट रहना होगा। दुनियाभर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए’। मोहन भागवत ने कहा, ‘भारत को अपनी सीमाओं में रहकर जितनी हो सके उतनी मदद करनी चाहिए। हमें...

  • खिलखिलाना तो चाहिए!

    कईयों ने मुझसे पूछा आपने अमित शाह को खिलखिलाते देखा? पर मैं क्योंकि टीवी देखता नहीं हूं तो मैंने कल्पना कर सोचा और माना कि अमित शाह का बम-बम होना या खिलखिलाना गलत नहीं है! मोहन भागवत एंड पार्टी अड़ी हुई थी। अध्यक्ष के लिए हमें नाम बताओ, तीन विकल्प दो। मतलब संगठन पुराने कायदे से चले। वाजपेयी, आडवाणी, गडकरी, राजनाथ सिंह के समय जो तरीका था, उसी अनुसार फैसला होगा। इसी चक्कर में मोदी-शाह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाते हुए फैसला अटकाए रखा। निश्चित ही मोहन भागवत, संघ की आला टोली का रूख था कि सरकार जैसे चलाना...

  • भागवत के भाषण में मोदी की लाइन

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी समारोह में विजयादशमी के दिन नागपुर के संघ मुख्यालय में जो भाषण दिया उसका बड़ा हिस्सा पिछले करीब एक महीने से देश अलग अलग तरह से सुन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले एक महीने के भाषण और मन की बात कार्यक्रम को जिन लोगों ने सुना है या उसकी खबरें पढ़ी हैं उनको भागवत के भाषण की बहुत सारी चीजें पहले से सुनी हुई लगेंगी। हालांकि कुछ बातें जरूर अलग थीं और कुछ ऐसी भी बातें थीं, जिनमें सरकार के लिए नसीहत छिपी थी। लेकिन...

  • सरकार को भागवत की नसीहत

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल के तमाम सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक मसलों पर अपने भाषण में टिप्पणी की। ज्यादातर मामलों में उन्होंने सरकार की लाइन का समर्थन किया लेकिन कुछ मसलों पर उन्होंने सरकार को नसीहत भी दी। इसमें सबसे अहम मसला आर्थिक विषमता का है। उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘अपने देश को वैश्विक लीडर बनाने के लिए नागरिकों में उत्साह है लेकिन दुनिया भर में मौजूदा आर्थिक प्रणाली की खामियां उजागर हो रही हैं। असमानता बढ़ रही है, आर्थिक शक्ति कुछ ही लोगों के हाथ...

  • संघ के प्रति मोदी का संपूर्ण सद्भाव

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संघ से दुरी की कहानियां अब समाप्त हो जानी चाहिए। क्योंकि दोनों के बीच भरपूर सद्भाव दिख रहा है। मोदी ने संघ के प्रति संपूर्ण निष्ठा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण के बाद जम कर उसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण प्रेरणादायक था। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मोहन भागवत का संबोधन प्रेरणादायक है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में संघ के समृद्ध योगदान पर प्रकाश डाला व हमारी भूमि में...

  • देश को फिर से अपने स्वरूप में खड़ा करने का समय आ गया है: मोहन भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत को फिर से आत्मस्वरूप में खड़ा करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले विदेशी आक्रमणों के कारण हमारी देशी प्रणालियां नष्ट हो गई थीं, जिन्हें अब समय के अनुसार, समाज और शिक्षा प्रणाली के भीतर दोबारा स्थापित करने की आवश्यकता है।  नागपुर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि लंबे समय तक चले विदेशी आक्रमणों के कारण हमारी देशी प्रणालियां नष्ट हो गई थीं, जिन्हें अब समाज और शिक्षा प्रणाली के भीतर दोबारा...

  • संघ-परिवार: कुर्सी का बीमार

    संघ परिवार के सर्वोपरि लोगों ने पुनः अपनी पुरानी बीमारी -- पर-उपदेश कुशलता -- का प्रदर्शन किया। साथ ही, किसी के साथ भी छल, यहां तक कि अपने सहयोगियों से भी। अपने ऊपर उपकार करने वालों से भी। किसलिए? केवल निजी स्वार्थ में, जिस में समाज या देश-हित का बहाना भी दिखाना कठिन है। अभी-अभी उन के एक बड़े नेता ने नागपुर में ही कहा भी: ''अच्छा नेता वही है जो लोगों को सब से अच्छी तरह मूर्ख बना सके''। आरएसएस प्रमुख का नागपुर से यह सार्वजनिक बयान 9 जुलाई 2025 को देश-विदेश में प्रसारित हुआ था: “जब आप 75...

  • भागवत ने 75 की सीमा 80 तक बढ़ाई

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के शताब्दी समारोह की शुरुआत हो गई है। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिन का संवाद कार्यक्रम हुआ है। अब ऐसे ही कार्यक्रम बेंगलुरू, मुंबई आदि महानगरों में होंगे। पता नहीं गांवों में ऐसे संवाद होने हैं या नहीं लेकिन शहरों और महानगरों में कई कार्यक्रम हो रहे हैं। दिल्ली के पहले कार्यक्रम में ही कई अहम मुद्दों पर संघ ने अपनी राय स्पष्ट कर दी। आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से संन्यास की उम्र सीमा 75 साल से बढ़ा कर 80 साल कर दी है। इसके साथ ही...

  • क्या भागवत के भाव को मोदी-शाह मानेंगे?

    मोहन भागवत भला और क्या बोल सकते हैं? उस नाते प्रधानमंत्री मोदी को ले कर भागवत और ट्रंप की भावना का फर्क इतना भर है कि ट्रंप चाहे जो बोल सकते हैं लेकिन मोहन भागवत सत्ता के भय से मर्यादा में बोलने को मजबूर हैं। वे सलाह दे सकते हैं न कि यह अल्टीमेटम कि भाजपा का अध्यक्ष वहीं होगा जो संगठन चाहेगा। बावजूद इसके ट्रंप और भागवत एक से मनोभाव में हैं। मेरी धारणा है कि हजार वर्षों की गुलामी ने हिंदू को सत्ता से भयाकुल, सत्ता का भूखा और सत्ता की भक्ति के चरणदास डीएनए दे रखा है।...

  • किसी को रिटायर होने को नहीं कहा: भागवत

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने 75 साल की उम्र में खुद या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिटायर होने की संभावना को खारिज कर दिया है। संघ के शताब्दी समारोह से जुड़े तीन दिन के कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार को संघ प्रमुख ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि मुझे या किसी और को 75 साल की उम्र पूरी करने पर रिटायर हो जाना चाहिए’। गौरतलब है कि कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि जब आपको 75 साल की शॉल ओढ़ा दी जाए तो इसका मतलब होता है कि आपको नए लोगों के...

  • किसी दबाव में व्यापार संधि नहीं होती: भागवत

    नई दिल्ली। अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवाद में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि किसी के दवाब में व्यापार संधि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्वदेशी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया और कहा कि स्वदेशी अपनाने का मतलब किसी का विरोध करना नहीं हैं। आरएसएस के शताब्दी समारोह से जुड़े तीन दिन के कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को मोहन भागवत ने ने यह भी कहा कि संघ ने सबसे ज्यादा विरोध झेला है। उन्होंने कहा, ‘जितना विरोध राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का हुआ है, उतना किसी भी संगठन का नहीं हुआ। इसके...

  • भागवत के निशाने पर फिर सरकार

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। हालांकि अन्होंने हमेशा की तरह अपनी बातों को जेनरलाइज करके रखा लेकिन समझने वालों को बात समझ में आ गई। मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को सेवा का काम माना जाता था लेकिन अब अच्छी शिक्षा और अच्छी स्वास्थ्य सेवा आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई है। सवाल है कि पिछले 11 साल से ज्यादा समय से केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है और ज्यादातर राज्यों में भी भाजपा या उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकार है...

  • दिल्ली में आरएसएस के कार्यक्रम पर नजर

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के कार्यक्रम देश भर में चल रहे हैं। संगठन के एक सौ वर्ष पूरे होने के मौके पर देश के अलग अलग हिस्सों में कार्यक्रमों का आयोजन किया  जा रहा है। इसी कड़ी में भाषणों की एक शृंखला शुरू हुई है। तीन कड़ी की इस शृंखला में एक कार्यक्रम दिल्ली में होगा। राजधानी दिल्ली में तीन दिन तक यह कार्यक्रम चलेगा, जिसकी शुरुआत 26 अगस्त को होगी। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत का व्याख्यान पहले दिन होना है। बताया जा रहा है कि संघ की ओर से विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी इस कार्यक्रम...

  • मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिले संघ प्रमुख

    नई दिल्ली। कोई तीन साल के बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने देश के मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात में कई सामयिक मुद्दों पर चर्चा होने की खबर है। यह बैठक गुरुवार को नई दिल्ली के हरियाणा भवन में हुई। इस बैठक में मोहन भागवत के साथ संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और 70 से ज्यादा मुस्लिम धर्मगुरु, बुद्धिजीवी आदि शामिल हुए। बैठक करीब तीन घंटे तक चली। हालांकि इसके एजेंडे के बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया गया है। इस बैठक में ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख उमर...

  • संघ के सौ साल पर बड़े समारोहों को तैयारी

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के एक सौ साल पूरे होने जा रहे हैं और इस मौके पर कई बड़े समारोह होंगे। संघ की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों दिल्ली में आरएसएस के प्रांत प्रचारकों की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि संघ के मुख्यालय नागपुर से लेकर देश के हर हिस्से में लगने वाली शाखा तक शताब्दी समारोह मनाया जाएगा। दिल्ली की बैठक में एक अहम बात यह तय हुई कि संघ खुल कर महात्मा गांधी को अपनाएगा। गौरतलब है...

  • भागवत-कृपा से बीते न बिताएं रतियां

    मुझे लगता है कि भागवत अपने जन्मदिन 11 सितंबर को सेवानिवृत्ति का ऐलान कर देंगे। अब इस दृश्य की कल्पना करिए कि भागवत तो चल दें और छह दिन बाद, 17 सितंबर को, 75 का होने पर भी नरेंद्र भाई अपना झोला उठा कर जाने से इनकार कर दें। ऐसे में भागवत की तो नाहक ही बलि चढ़ जाएगी। यह बात भागवत भी अच्छी तरह जानते ही होंगे। लेकिन फिर भी उन्होंने यह पांसा फेंका है तो मैं तो उन के इस खिलंदड़े भाव का अभिवादन करता हूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सफाई दी है कि...

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