साजिश ट्रंप, पुतिन, शी की या मोदी, शाह की?
मोहन भागवत आरएसएस के सौ साल के सफर की बुद्धि को खुद ही एक्सपोज कर दे रहे हैं। वे विदेशी साजिश की बात कर उस सरकार का बचाव कर रहे हैं, जिसने पूरे संघ परिवार के चाल, चेहरे, चरित्र को भ्रष्ट किया है। जो ट्रंप हों या शी जिनपिंग, सभी के अलग-अलग दबावों में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बेच खा रहे हैं। जिन्होने संघ और खुद मोहन भागवत में इतना भी साहस नहीं छोड़ा कि दिन को दिन, रात को रात कह सकें! खुद्दारी, ईमानदारी से सच्ची बात (आलोचना) कर सकें। स्वदेश के हर मामले को जिन्होने बाजार, खरीद-फरोख्त, सत्ता...