mohan bhagwat

  • विविधता भारत के डीएनए में: भागवत

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डेन का कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई संगठनों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया था लेकिन किसी ने इसमें बाधा नहीं डाली। भागवत ने पांच हजार से ज्यादा भारतीय अमेरिकियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत के डीएनए में एकता और विविधता है। इससे पहले न्यूयॉर्क में ही एक अन्य कार्यक्रम ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ उन्होंने हिंदुओं को पाठ पढ़ाते हुए कहा कि जो हिंदू कहता है कि मुसलमानों को देश में नहीं रहना चाहिए वह असल में हिंदू...

  • भागवत की यूएस यात्रा से पहले बढ़ा विवाद

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से पहले विवाद बढ़ गया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई व्यक्तियों और संगठनों ने उनकी यात्रा का विरोध किया है। इस बीच गुरुवार को अमेरिकन हिंदूज फॉर इंगेजमेंट एंड डायलॉग फोरम यानी अहेड का एक्स अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह संस्था मोहन भागवत के कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक कार्यक्रम होने वाला है, जिसे ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ नाम दिया...

  • खोखा संघ और नियति मठ!

    सन् 1980 में अटलबिहारी वाजपेयी के सुर में जनसंघ का जब भाजपा नाम से जन्म हुआ तब संघ के प्रमुख थे बालासाहब देवरस। फिर प्रो. राजेंद्रसिंह, सुदर्शन बने। तब भाउराव देवरस भाजपा के साथ संघ के समन्वयक थे। (जैसे इन दिनों अरूणकुमार है) कर्नाटक के एक एच. वी. शेषाद्रि, दत्तोपंत ठेंगड़ी, मोरोपंत पिंगले, यादवराव जोशी, एकनाथ रानाडे जैसे वे प्रचारक भी थे जो वैचारिक तौर पर चाहे जितने ठस हो लेकिन चाल, चेहरे, चरित्र में बेदाग थे। इंदिरा गांधी से ले कर राजीव गांधी, नरसिंहराव, वीपीसिंह आदि कईयों से इन प्रचारकों की मुलाकात हुई थी। ये भरोसा पैदा करते थे,...

  • भागवत ने पहले क्यों नहीं बोला?

    चिड़ियां खेत चुग गईं और कल, शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “चिड़ियों को भी चुगने का अधिकार है…” इतना ही नहीं वे आंख मूंदकर ‘जेन-ज़ी’ पर भरोसा करने की बात कर रहे थे। तब प्रश्न है कि सात अगस्त 2026 को मोहन भागवत कहां थे, जब संसद मार्ग पर बच्चे-बच्चियों पर लाठियां बरस रही थीं, पैलेट गन के छर्रे दागे जा रहे थे? या फिर 15 मई 2026 को वे किस मनःस्थिति में थे, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों को फटकारते हुए देश के ही कुछ नागरिकों...

  • ‘मेरा जेन-ज़ी, तेरा जेन-ज़ी’ का बीजारोपण

    भाजपा की भावी संभावनाओं का ‘मोशा’ ने जिस तरह नाश किया और आरएसएस की नेकनीयत-छवि का लिमये ने जिस तरह सत्यानाश किया, उस के बाद भागवत ने मरम्मत के औजार ले कर मैदान में उतरने में देर करना ठीक नहीं समझा। इसलिए मुंबई के नीता-मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में देश भर के दो हज़ार चुनिंदा युवाओं के बीच भागवत ने शिक्षा प्रणाली, आरक्षण, समलैंगिक विवाह और सामाजिक सद्भाव जैसे पेचीदे मसलों पर अपनी बात रखी। बड़े सलीके से रखी। चाशनी में डुबा कर रखी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा जेन-ज़ी के मन में घुमड़ रहे मसलों के...

  • ‘जेन जी’ के पक्ष में उतरे भागवत

    मुंबई। जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मल्हम लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सबको प्रदर्शन और आंदोलन करने का अधिकार दिया है। भागवत ने कहा कि ‘जेन जी’ के छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया, इस वजह से उनको देश विरोधी नहीं कहा जा सकता है। वे यहां तक कह गए कि’ जेन जी’ और उसके बाद वाली ‘जेन अल्फा’, अपने से पहले वाली पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बात सुनी...

  • मोदी-भागवत मल्लयुद्ध का धारावाहिक

    सोचने की बात यह है कि आज गडकरी के साथ, जो कुछ हो रहा है, क्यों हो रहा है? इस के बीज कम-से-कम 17 साल पुराने हैं। तब नरेंद्र भाई गुजरात के मुख्यमंत्री थे और गडकरी 2009 में भाजपा के अध्यक्ष बन गए थे।... पूरा देश पूछ रहा है कि पेट्रोलियम मंत्री तो हरदीप सिंह पुरी हैं, गडकरी तो राजमार्ग-परिवहन मंत्री हैं, फिर पेट्रोल में इथेनाल के मिश्रण का प्रतिशत तय करने और इस जनविरोधी कदम का इतने आक्रामक तरीके से बचाव करने में उन की इतनी केंद्रीय भूमिका क्यों है? नितिन जयराम गडकरी की मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक-व्यक्तिगत बदहाली देख कर...

  • संक्रमण काले, विपरीत बुद्धि?

    अब यूजीसी की 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम' (“प्रोमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इन्सटीच्यूशंस रेगुलेशंस, 2026”) के नाम पर नया जुल्म आया है। … अच्छा होता, संघ-भाजपा के जीर्ण नेता नया नेतृत्व लाने पर बुद्धि लगाते। पार्टियों में ही नहीं, सरकारों के लिए भी। ताकि देश में कुशल, संयमी और बेहतर नेतृत्व विकसित हो। कुर्सी से चिपके रहने की लज्जाजनक परंपरा खत्म हो। उस लालसा में देश के संसाधन, समय, और सामाजिक ऊर्जा की अकूत बर्बादी बन्द हो। पर यह करने के बदले वे काल से लड़ना चाह रहे हैं! संघ-भाजपा एक संक्रमण के...

  • मुसलमानों को हिन्दू कहना

    मोहन भागवत की बातों पर मौलाना मदनी और ओवैसी जरूर हँसे होंगे। जबकि जानकार हिन्दू अपना माथा ठोकते होंगे -- यह ऐसा विचित्र है।... संघ नेता अपने कथन के झूठ से परिचित हैं। वरना, इन सौ सालों में उन का कोई सरकार्यवाह या संघचालक कोई भारतीय असदुद्दीन या शहाबुद्दीन भी होता। क्योंकि आर.एस.एस. के अनुसार असदुद्दीन भी हिन्दू है और आर.एस.एस. हिन्दुओं का संगठन है! पर कोई शहाबुद्दीन आर.एस.एस. का सरसंघचालक या कारयवाह नहीं बनाया गया।... वस्तुत: आत्म-प्रवंचना हिन्दू नेतृत्व की आम बीमारी रही है। अपने को हर विषय का ज्ञाता मानना इस का एक मुख्य तत्व है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

  • भागवत ने दो सौ साल तक आरक्षण की बात कही

    देहरादून। कोई 10 साल पहले बिहार में आरक्षण की समीक्षा की जरुरत का बयान देने वाले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अगर दो सौ साल तक आरक्षण देना पड़े तो वह भी देना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि समाज के एक वर्ग का दो हजार साल तक उत्पीड़न हुआ है। मोहन भागवत ने इस देश में रहने वाले सभी नागरिकों को हिंदू बताते हुए कहा कि हिंदू बनने के लिए कुछ छोड़ना नहीं पड़ता है। देहरादून में प्रबुद्धजनों की गोष्ठी में संघ प्रमुख ने कहा, ‘हिंदू समाज के एक हिस्से...

  • मुंबई में भागवत की मुलाकातें!

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का समारोह चल रहा है। इसके तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के अलग अलग हिस्सों में व्याख्यान दे रहे हैं और समाज के महत्वपूर्ण लोगों से मिल कर उनको संघ के बारे में बता रहे हैं। पिछले हफ्ते वे दो दिन तक मुंबई में थे और व्याख्यान दिया। इस दौरान उनकी जो मुलाकातें हुई हैं वह माशाअल्ला हैं। कमाल की मुलाकातें हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि उनकी ये मुलाकातें संयोग थीं या किसी प्रयोग का हिस्सा थीं? हो सकता है कि संघ प्रमुख और भी बहुत लोगों से मिलें हों...

  • मोहन भागवत ने सावरकर को भारत रत्न का सिर्फ सुझाव दिया

    पूर्व सांसद राज्यसभा माजिद मेमन ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को 'भारत रत्न' दिए जाने की मांग पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने सावरकर को भारत रत्न देने का सिर्फ सुझाव दिया है, जिसको सकारात्मक रूप में देखा जाना चाहिए।  माजिद मेमन ने समाचार एजेंसी आईएएनए से बात करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में अगर आप सुझाव दे रहे हैं कि उसे भारत रत्न दिया जाए, तो उसका एक तरीका होता है। अब उनका यह कहना कि अगर वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाएगा तो भारत रत्न...

  • आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का रांची में जनजातियों से सीधा संवाद

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत जनजातीय समुदाय के साथ सीधा संवाद करने के लिए झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे हैं। वे दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को रांची पहुंचे और शनिवार को 'जनजातीय संवाद' कार्यक्रम में शामिल हुए।  कार्यक्रम राजधानी रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में शुरू हुआ। इसमें झारखंड के विभिन्न हिस्सों से करीब 400 से 1000 आदिवासी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह एक बंद कमरे में आयोजित होने वाली बैठक है, जहां संघ प्रमुख मोहन भागवत का आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ संवाद है। कार्यक्रम में जनजातीय समाज की चिंताओं, संस्कृति, विकास, सामाजिक एकता तथा...

  • मुझे और मोदी को धर्म ही चला रहा है- भागवत

    मुंबई। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है, ‘मुझे और नरेंद्र मोदी को धर्म ही चला रहा है’। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को कंट्रोल करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है। जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा, वह विश्वगुरु बना रहेगा। गौरतलब है कि मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के एक सौ...

  • संघ धीरे धीरे विकसित हो रहा है: भागवत

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात को खारिज किया है कि संघ बदल गया है। उन्होंने कहा है कि समय के साथ संघ का स्वरूप सामने आ रहा है। संघ प्रमुख ने रविवार को कहा कि संघ बदला नहीं है, बल्कि धीरे धीरे विकसित हो रहा और समय के साथ उसका स्वरूप सामने आया है। उन्होंने कहा कि लोग इसे बदलाव के रूप में देख रहे हैं, जबकि मूल विचार और चरित्र वही है। मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के एक सौ साल की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के गीतों के एलबम...

  • भागवत क्यों दूरी दिखा रहे भाजपा से

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर संघ और भाजपा की दूरी बताई है। यह हैरानी की बात है कि बिना किसी संदर्भ के अचानक उन्होंने कहना शुरू किया है कि भाजपा के नजरिए से आरएसएस को देखने की जरुरत नहीं है। यह बात पिछले दिनों उन्होने कोलकाता में कही थी, जहां वे संघ के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर चल रहे व्याख्यान की शृंखला में भाषण देने गए थे। अब दो हफ्ते के भीतर उन्होंने फिर कहा है कि भाजपा के नजरिए से संघ को देखने की जरुरत नहीं है।...

  • भागवत के बयान की टाइमिंग का सवाल

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर देश के अलग अलग शहरों में संघ प्रमुख मोहन भागवत के संवाद की शृंखला चल रही है। कोलकाता में संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई बातें कहीं। हिंदू राष्ट्र को लेकर तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में और समाज में तेजी से प्रचलित हो रही लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। लेकिन सबसे दिलचस्प बयान यह था कि आरएसएस को भाजपा के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग आरएसएस को भाजपा के...

  • भागवत ने हिंदुओं की मदद का आह्वान किया

    कोलकाता। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद का आह्वान किया है। आरएसएस के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित संवाद के कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं, इसलिए हालात मुश्किल हैं। उन्होंने कहा, ‘हिंदुओं को अगर बांग्लादेश में सुरक्षित रहना है तो एकजुट रहना होगा। दुनियाभर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए’। मोहन भागवत ने कहा, ‘भारत को अपनी सीमाओं में रहकर जितनी हो सके उतनी मदद करनी चाहिए। हमें...

  • खिलखिलाना तो चाहिए!

    कईयों ने मुझसे पूछा आपने अमित शाह को खिलखिलाते देखा? पर मैं क्योंकि टीवी देखता नहीं हूं तो मैंने कल्पना कर सोचा और माना कि अमित शाह का बम-बम होना या खिलखिलाना गलत नहीं है! मोहन भागवत एंड पार्टी अड़ी हुई थी। अध्यक्ष के लिए हमें नाम बताओ, तीन विकल्प दो। मतलब संगठन पुराने कायदे से चले। वाजपेयी, आडवाणी, गडकरी, राजनाथ सिंह के समय जो तरीका था, उसी अनुसार फैसला होगा। इसी चक्कर में मोदी-शाह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाते हुए फैसला अटकाए रखा। निश्चित ही मोहन भागवत, संघ की आला टोली का रूख था कि सरकार जैसे चलाना...

  • भागवत के भाषण में मोदी की लाइन

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी समारोह में विजयादशमी के दिन नागपुर के संघ मुख्यालय में जो भाषण दिया उसका बड़ा हिस्सा पिछले करीब एक महीने से देश अलग अलग तरह से सुन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले एक महीने के भाषण और मन की बात कार्यक्रम को जिन लोगों ने सुना है या उसकी खबरें पढ़ी हैं उनको भागवत के भाषण की बहुत सारी चीजें पहले से सुनी हुई लगेंगी। हालांकि कुछ बातें जरूर अलग थीं और कुछ ऐसी भी बातें थीं, जिनमें सरकार के लिए नसीहत छिपी थी। लेकिन...

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