कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कई विवादों का कारण बनी फालता विधानसभा सीट पर चुनाव नतीजा आ गया है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने यह सीट जीती है और वह भी एक लाख से ज्यादा वोट के अंतर से। भाजपा के देवांशु पांडा ने एक लाख नौ हजार वोट से सीपीएम के शंभूनाथ कुर्मी को हराया। तृणमूल कांग्रेस के मैदान छोड़ने वाले उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे।
पांडा को 1.49 लाख से ज्यादा वोट मिले। सीपीएम के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40 हजार वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। आजादी के बाद से फालता में भाजपा ने पहली बार जीती है। 1952 से 2006 तक यह कांग्रेस और सीपीएम का गढ़ था। 2011 के बाद लगातार तीन बार तृणमूल कांग्रेस जीती थी। फालता में जीत के साथ भाजपा की बंगाल में कुल सीटें 208 हो गईं हैं। टीएमसी के खाते में सिर्फ 80 सीटें हैं।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान फालता में वोट पड़े थे लेकिन 60 से ज्यादा बूथों पर गड़बड़ी की खबर मिली थी। तभी वहां का चुनाव रद्द कर दिया था। फालता के 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया। पुनर्मतदान में वोटिंग करीब दो फीसदी बढ़ गई। चुनाव आयोग के मुताबिक यहां 88.13 फीसदी मतदान हुआ।
आधिकारिक तौर पर इस सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने दोबारा मतदान से कुछ दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं थी। तभी ईवीएम पर उनका नाम और सिंबल मौजूद था। वे चौथे स्थान पर रहे। कांग्रेस के अब्दुल रहमान मुल्ला तीसरे स्थान पर रहे।


