नई दिल्ली। ईरान पर हमले के दो दिन बाद यानी दो मार्च को इजराइल ने लेबनान के ऊपर हमला शुरू किया था। अब दोनों देशों के बीच युद्धविराम हो गया है। अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। इसका मकसद स्थायी सुरक्षा और शांति समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान के खिलाफ जमीन, हवा या समुद्र से कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा।
इजराइल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर के बाद ही ईरान ने होर्मुज की खाड़ी खोलने का ऐलान किया। बहरहाल, सीजफायर के बाद लेबनान पर दबाव है कि वह हिजबुल्ला के हमले रूकवाए। दूसरी ओर इजराइल में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोग इस फैसले से असंतुष्ट हैं। एक सर्वे के मुताबिक, अगर अभी चुनाव होते हैं तो नेतन्याहू की पार्टी को नुकसान हो सकता है, जिससे संकेत मिलता है कि युद्धविराम को लेकर नाराजगी है।
बहरहाल, भारत ने इजराइल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम सीजफायर का स्वागत करते हैं। शांति की दिशा में उठाए गए हर कदम का स्वागत है’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


