नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने की तैयारियों और कई विपक्षी पार्टियों की ओर से सरकार का समर्थन किए जाने की खबरों के बीच कांग्रेस ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह इन विधायकों का विरोध करेगी। सत्र से पहले गुरुवार को कांग्रेस के संसदीय रणनीति समूह की एक अहम बैठक सोनिया गांधी के आवास पर हुई। इसमें कांग्रेस ने तय किया कि वह मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का मुद्दा उठाएगी।
इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक यानी नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन से जुड़े बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसमें सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। बहरहाल, सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और जयराम रमेश सहित कई नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें रमेश ने कहा, ‘संसद के मानसून सत्र में सरकार जिन प्रमुख विधेयकों को लाने की तैयारी कर रही है, उनका पार्टी जोरदार विरोध करेगी’। उन्होंने कहा, ‘कई मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें हम विशेष रूप से उठाएंगे। जैसे चंदे की चोरी और विश्वासघात। प्रभु श्रीराम मंदिर के संबंध में रोज नए खुलासे हो रहे हैं’।
रमेश ने कहा, ‘नीट और ई-20 घोटाला जैसे कई मुद्दे भी हैं, जिसमें कई वरिष्ठ भाजपा नेता और उनके बेटे शामिल हैं’। उन्होंने कहा, ‘हमने 16 और 17 अप्रैल को वर्तमान लोकसभा में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों के आरक्षण के संबंध में अपना रुख स्पष्ट कर दिया था’। गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन का बिल केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल को हुए विशेष सत्र में पास नहीं करा पाई थी। इस बार वह इसके लिए जरुरी 360 सांसदों का बहुमत जुटाने की तैयारी कर रही है। बहरहाल, जयराम रमेश ने यह भी कहा कि संविधान संशोधन के बाकी विधेयकों का भी कांग्रेस विरोध करेगी। उच्च शिक्षा के लिए लाए जा रहे विधेयक और एफसीआरए के विधेयक का भी कांग्रेस विरोध करेगी।
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