Congress

  • कांग्रेस आलाकमान को वारिंग पर भरोसा

    राहुल गांधी पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदलने जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक अंदाज में यह बात प्रभारी भूपेश बघेल को बता दी है और बघेल ने भी ऐसे ही साफ शब्दों में पंजाब कांग्रेस के बागी नेताओं यानी चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर रंधावा आदि को बता दिया है। तभी चन्नी और रंधावा गुट सीधे राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रहा है। हालांकि लग नहीं रहा है कि राहुल उनसे मिलेंगे। सवाल है कि राहुल गांधी या प्रभारी भूपेश बघेल क्यों अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर इतना भरोसा कर रहे हैं? इसका सबसे बड़ा कारण तो यह...

  • संविधान संशोधन विधेयकों का विरोध करेगी कांग्रेस

    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने की तैयारियों और कई विपक्षी पार्टियों की ओर से सरकार का समर्थन किए जाने की खबरों के बीच कांग्रेस ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह इन विधायकों का विरोध करेगी। सत्र से पहले गुरुवार को कांग्रेस के संसदीय रणनीति समूह की एक अहम बैठक सोनिया गांधी के आवास पर हुई। इसमें कांग्रेस ने तय किया कि वह मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का मुद्दा उठाएगी। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान...

  • पंजाब में कांग्रेस का सामूहिक नेतृत्व

    पंजाब में कांग्रेस पार्टी किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करके चुनाव नहीं लड़ने जा रही है। पार्टी ने ऐलान कर दिया है कि अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के चेहरे पर लड़ा जाएगा। पहली बार ऐसा हुआ है कि कांग्रेस ने किसी चुनाव में राहुल गांधी के चेहरे पर लड़ने का ऐलान किया है। इससे पहले राष्ट्रीय चुनाव भी कांग्रेस राहुल के चेहरे पर नहीं लड़ी है। कांग्रेस ने प्रदेश नेताओं की खींचतान और बगावत की संभावना को देखते हुए राहुल गांधी के नाम का ऐलान किया है। कांग्रेस के इस ऐलान के बाद आम...

  • पंजाब में चन्नी नहीं कांग्रेस चेहरा?

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कांग्रेस आलाकमान को मुश्किल में डाला है। वे चाहते हैं कि पार्टी उनको या तो प्रदेश अध्यक्ष बनाए या मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे। कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है। वह किसी को भी चेहरा घोषित नहीं करना चाहती है क्योंकि कांग्रेस को जाट सिख और दलित दोनों के वोट चाहिए। दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस की परंपरा रही है चुनाव जीतने पर प्रदेश अध्यक्ष को ही मुख्यमंत्री बनाया जाता है। इस सदी में कांग्रेस को दो बार सरकार बनाने का मौका मिला। दोनों बार कैप्टेन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने और चुनाव से...

  • पंजाब में कांग्रेस का संतुलन का प्रयास

    कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले एक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। आलाकमान की ओर से भेजे गए अजय माकन ने कुछ दिन पहले अपनी रिपोर्ट दी थी। उस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने एक फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें जाट सिख और दलित का संतुलन बनाया गया है। हिंदू वोट के लिए कांग्रेस क्या करेगी यह देखने वाली बात होगी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के प्रभारी हैं। बहरहाल, कांग्रेस ने तय किया है कि चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलना ठीक नहीं होगा। इसलिए अमरिंदर सिंह वारिंग को अध्यक्ष बनाए...

  • गोवा में कांग्रेस सहयोगी खोज रही है

    गोवा में बहुत जल्दी चुनाव होने वाला है। अगर चुनाव समय पर हुआ तो अगले साल मार्च में होगा। हालांकि यह भी चर्चा है कि नवंबर में ही पांच राज्यों के चुनाव हो सकते हैं, जिनमें एक राज्य गोवा भी है। चुनाव से पहले कांग्रेस गोवा में सहयोगी तलाश रही है। कांग्रेस ने पिछले दिनों गिरीश चोडनकर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वे तमिलनाडु के प्रभारी थे। साथ ही कांग्रेस ने महाराष्ट्र के बड़े नेता माणिकराव ठाकरे को गोवा का प्रभारी बनाया है। अब खबर है कि कांग्रेस राज्य में सहयोगियों की तलाश कर रही है। ध्यान रहे गोवा में कई...

  • भारत में मुश्किल है दो दलीय व्यवस्था

    हो सकता है कि यह कांग्रेस के कुछ नेताओं की सदिच्छा हो या यह भी हो सकता है कि कांग्रेस से ज्यादा भाजपा, मीडिया के एक हिस्से और राइटविंग इकोसिस्टम की सदिच्छा हो कि प्रादेशिक पार्टियां समाप्त हो जाएं। लेकिन ऐसा होने की संभावना नहीं दिख रही है। हां, यह जरूर है कि प्रादेशिक पार्टियों के कमजोर होने से कांग्रेस की राजनीति थोड़ी मजबूत हो जाए। ध्यान रहे भाजपा के साथ वाली प्रादेशिक पार्टियां कमजोर नहीं हो रही हैं। एकाध अपवाद हो सकते हैं लेकिन भाजपा के साथ साथ उसकी सहयोगी पार्टियां भी मजबूत हुई हैं। दूसरी ओर भाजपा विरोधी...

  • भाजपा में अब कांग्रेस जैसी राजनीति

    भारतीय जनता पार्टी हमेशा कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा अनुशासित पार्टी रही है। पिछले 12 साल में नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने इस अनुशासन को और मजबूत किया। गोपनीयता का एक ऐसा ढांचा बनाया कि ज्यादातर फैसलों की जानकारी बड़े नेताओं तक को नहीं होती है। पार्टी के बाहर मीडिया को इस तरह से नियंत्रित किया कि सरकार और पार्टी के खिलाफ कोई भी खबर नहीं छपती है। अगर सचमुच की खबर होती भी है तो मीडिया के लोगों की जिम्मेदारी होती है कि वे इसके बचाव के तर्क खोजें और मामले को भटकाएं। लेकिन अचानक सारी चीजें बदल गई...

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस की कांग्रेस राजनीति

    पहले कहा जाता था कि कांग्रेस को विपक्ष की राजनीति करने नहीं आती है। ऐसा इसलिए था क्योंकि कांग्रेस कभी लंबे समय तक विपक्ष में नहीं रही थी। आजादी के बाद उसका सफर सत्ता के साथ शुरू हुआ था। तभी कांग्रेस के नेता बड़े शान से बताते थे कि कांग्रेस सत्ता में रहती है या सत्ता के इंतजार में रहती है। 2014 से पहले कांग्रेस 67 साल में कुल मिला कर 12 साल सत्ता से बाहर रही थी। वह भी तीन बार में। इन 12 वर्षों में वह जब भी विपक्ष में गई तो बैठ कर सत्ता का इंतजार किया।...

  • अगले साल आप को रोकने के लिए लड़ेगी कांग्रेस

    कांग्रेस पार्टी ने अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कांग्रेस दो तरह की रणनीति पर काम कर रही है। पहली रणनीति तो उन राज्यों की है, जहां उसे सफलता की संभावना दिख रही है। इस लिहाज से उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर को लेकर उसकी तैयारी शुरू हुई है। दूसरी रणनीति आम आदमी पार्टी से लड़ने की है। कांग्रेस के सामने अगले साल के चुनाव के लिहाज से सबसे बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी की है। पंजाब, गोवा और गुजरात में अगले साल के चुनाव में कांग्रेस की योजना अरविंद केजरीवाल की पार्टी को...

  • कांग्रेस ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

    नई दिल्ली। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में कथित धांधली के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए देश के 28 शहरों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 28 नेताओं ने अलग-अलग शहरों में संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली की विफलताओं के लिए जवाबदेही से बच रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को सरकार “आतंकवादी”...

  • बिहार पर ध्यान देना होगा राहुल को

    बिहार कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के खिलाफ मोर्चा खोला है। अखिलेख सिंह ने कहा है कि अराजनीतिक लोगों को प्रभारी बनाया गया, जिनकी वजह से पार्टी को विधानसभा चुनाव में नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से ठीक पहले उनको अध्यक्ष पद से हटाया गया इसका भी नुकसान पार्टी को हुआ। अखिलेश सिंह ने कहा है कि अगर वे प्रदेश अध्यक्ष रहते तो कांग्रेस सिर्फ पांच सीट पर नहीं सिमटती। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष रहते चार सांसद जिताए...

  • झारखंड में सहयोगी कांग्रेस के साथ नहीं

    ऐसा लग रहा है कि झारखंड में सहयोगी पार्टियों ने कांग्रेस को उसके हाल पर छोड़ दिया है। हालांकि इस बारे में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं का अनौपचारिक बातचीत में यही कहना है कि शुरुआत कांग्रेस ने की थी। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए बिना बात किए एकतरफा तरीके से उम्मीदवार की घोषणा कर दी थी। जेएमएम के नेताओं का कहना है कि अगर कांग्रेस की ओर से हेमंत सोरेन से बात की जाती और तब प्रणब झा के नाम की घोषणा होती तो उसका श्रेय हेमंत सोरेन को जाता है और फिर उनके नेतृत्व में ही राज्यसभा...

  • भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों का अंतर

    भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की जो पहली सूची जारी की है उसे बारीकी से देखें तो दोनों पार्टियों के काम करने और उम्मीदवार तय करने के तरीके का अंतर साफ दिखता है। कांग्रेस की सूची में, जहां ऐसे चेहरे ज्यादा हैं, जो मीडिया में रहते हैं, पहले से चर्चित हैं और राहुल गांधी या प्रियंका गांधी वाड्रा के नजदीकी माने जाते हैं। उसमें जमीन पर काम करने वाले हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा की सूची में ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो बरसों से संगठन में काम कर रहे हैं और मीडिया...

  • डीएमके, टीवीके से दोनों से कांग्रेस को फायदा

    ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी के दांव इन दिनों सही पड़ रहे हैं। देखना है कि कब तक ऐसा चलता है। 60 साल के बाद कांग्रेस तमिलनाडु की सरकार में शामिल हुई है। उसके नेताओं का सत्ता का सूखा समाप्त हुआ है। लेकिन इतना ही नहीं सरकार चला रही विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी टीवीके ने राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी है। सोचें, कांग्रेस के सिर्फ पांच विधायक हैं। ऐसा माना जा रहा था कि अन्ना डीएमके के सीवी षणमुगम के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव में टीवीके अपने किसी नेता...

  • कांग्रेस के राज्यसभा दावेदारों की लंबी सूची

    राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। आठ जून तक नामांकन दाखिला किया जाएगा। ज्यादातर पार्टियां अगले एक या दो दिन में उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगी। भाजपा में राज्यसभा सीट का मामला हो या कोई और चुनाव उम्मीदवार तय करने में उसे दिक्कत नहीं होती है। लेकिन कांग्रेस को हर बार समस्या आती है। कांग्रेस को इस बार राज्यसभा की गिनी चुनी सीटें मिलेंगी। उसे अपने दम पर पांच सीटें मिलने वाली हैं और एक सीट टीवीके की कृपा से मिल रही है। अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कृपा करके एक सीट छोड़ी तो...

  • सपा और कांग्रेस तालमेल करेंगे

    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में जो सिलवटें दिख रही थीं उनको दूर करने की कोशिश शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी को समझ में आया है कि चाहे जातीय समीकऱण जितना भी मजबूत होने का दावा किया जाए लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए अतिरिक्त ताकत की जरुरत है। वह अतिरिक्त ताकत कांग्रेस से मिल सकती है। सपा के एक बड़े नेता ने कहीं अनौपचारिक बातचीत में कहा कि लोकसभा में सपा ने भले 37 और कांग्रेस ने छह सीटें जीती हैं लेकिन उसके आधार पर विधानसभा चुनाव...

  • विपक्ष की कमान कांग्रेस के हाथ में

    विपक्षी पार्टियों को इसका अंदाजा है कि केंद्र सरकार परिसीमन बिल लाना चाहती है। संविधान के 131वें संशोधन बिल के जरिए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करना चाहती है और सीटें बढ़ा कर 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना चाहती है। विपक्ष ने पिछली बार इसे रोक दिया था। अब नए सिरे से विपक्ष को भी हिसाब बैठाना है। आगे की राजनीति और भाजपा से मुकाबले की रणनीति बनाने के लिए विपक्षी पार्टियों की बैठक आठ जून को होगी। गौरतलब है कि पांच राज्यों के चुनावों के तुरंत बाद बैठक की योजना थी। कहा...

  • हिमाचल में कांग्रेस के सामने बड़ी समस्या

    सब जगह सत्तारूढ़ पार्टियां स्थानीय निकायों के चुनाव जीत रही हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। इससे पहले गुजरात में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। तेलंगाना में ऐसे ही कांग्रेस ने बहुत बड़ी जीत हासिल की थी। एक केरल अपवाद था, जहां सत्तारूढ़ वाम मोर्चा को कांग्रेस ने हराया था। कांग्रेस की यह जीत विधानसभा चुनाव में भी दिखाई दी। तभी हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस का स्थानीय निकाय चुनाव में हारना उसके लिए बड़ी चिंता की बात है। कांग्रेस अपना गढ़ माने जाने वाले सोलन में भी चुनाव हार गई। वह सिर्फ...

  • पंजाब में कलह से परेशान कांग्रेस

    पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाला है। उससे पहले स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। उसके बाद पार्टी के अंदर घमासान बढ़ गया है। पिछले दिनों पार्टी नेताओं की पंजाब को लेकर बैठक हुई तो विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक के बीच में ही निकल कर चले गए। वैठक में नेता साफ साफ खेमों में बंटे हुए दिखे। प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा के खेमे अलग हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अलग राजनीति चल रही है। स्थानीय निकाय चुनावों के...

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