नई दिल्ली। दिवाली पर हुई आतिशबाजी और राजधानी के आसपास के इलाकों में पराली जलाए जाने की घटनाओं के कारण राजधानी का दम घुट रहा है। पिछले तीन दिन से दिल्ली में हवा ‘बहुत खराब’ बनी हुई है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक, एक्यूआई ‘बहुत खराब’ यानी तीन से चार सौ से बीच है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी ने 24 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहने की आशंका जताई है।
दिवाली के दो दिन बाद बुधवार को दिल्ली में एकाध जगहों को छोड़ कर सभी इलाकों में एक्यूआई तीन सौ से चार सौ के बीच बना हुआ है। कुछ जगहों पर तो यह चार सौ के पार भी पहुंच गया। पंजाबी बाग और वजीरपुर दोनों जगहों पर बुधवार, 22 अक्टूबर को एक्यूआई चार सौ के पार पहुंच गया। पंजाबी बाग का एक्यूआई 433 रहा तो वजीरपुर का 401 दर्ज किया गया। दिल्ली के आनंद विहार का 360, अशोक विहार का 382, बवाना का 380 और मथुरा रोड का 351 दर्ज किया गया।
बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के अलावा लोधी रोड और पश्चिम दिल्ली में रोहिणी के एक इलाके में ही एक्यूआई तीन सौ से नीचे रहा। हालांकि, वायु गुणवत्ता इन इलाकों में भी खराब है। इस तरह लगभग पूरी दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। इस बीच वायु गुणवत्ता खराब होने के आंकड़ों पर राजनीति भी शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी आम आदमी पार्टी के बीच इस बात को लेकर विवाद चल रहा है, किसके शासन में हवा की गुणवत्ता ज्यादा बिगड़ी है।
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