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झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल नियुक्तियां रद्द होने के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन

झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर जेएसएससी सीजीएल से चयनित अभ्यर्थियों और नवनियुक्त कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार देर रात से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा और बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी सरकार के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे रहे। प्रदर्शनकारी सरकार से जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा या चयन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत सामने आई है, तो पहले उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर चयनित अभ्यर्थियों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा पास की और नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अपनी जिम्मेदारियां भी संभालनी शुरू कर दी थीं। अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रोजेक्ट भवन की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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झारखंड मंत्रालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और प्रदर्शन कर रहे सीजीएल अभ्यर्थियों को परिसर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं, पुराने कर्मचारियों को पहचान पत्र की जांच के बाद अंदर जाने दिया जा रहा है। मुख्य गेट बंद होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बाहर ही मौजूद हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कल तक वे सचिवालय में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन नियुक्तियां रद्द होने के फैसले के बाद उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है। एक अभ्यर्थी ने कहा, “कल तक हम सचिवालय कर्मी थे, आज सड़क पर खड़े हैं। सरकार का यह फरमान तुगलकी है।”

अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने सरकार पर भरोसा कर कई मामलों में अपने पुराने रोजगार या अन्य अवसर छोड़े थे। अब नियुक्तियां रद्द होने से उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा हो गई है। उनका कहना है कि किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाना चाहिए, लेकिन निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि परीक्षा और पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए और इसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए। फिलहाल प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन जारी है और पुलिस बल तैनात है।

Pic Credit : ANI

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By Naya India

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