भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक और पदयात्रा की तैयारी कर रहे हैं। वे नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं। अब उन्होंने ऐलान किया है कि वे महाकाल की नगरी उज्जैन से श्रीराम की नगरी अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की घटना को लेकर दिग्विजय ने इस यात्रा का ऐलान किया है। उन्होंने अपनी यात्रा में शामिल होने के लिए उन लोगों को आमंत्रित किया, जिन्होंने मंदिर निर्माण में चंदा दिया है।
दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को भोपाल में मीडिया से बातचीत में कहा कि वे दो अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब एक हजार किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, एक्स या किसी भी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
दिग्विजय ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए एक लाख 11 हजार रुपए का रुपए का चंदा दिया था। उनके पास आज भी चंदे की रसीद और चेक की प्रति सुरक्षित है। इसके अलावा उन्होंने अयोध्या मामले में मुकदमा दर्ज करने की भी बात कही। दिग्विजय ने कहा कि पांच या छह जुलाई को वरिष्ठ वकीलों से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे। वे राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दिग्विजय ने कहा कि पदयात्रा में उन सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति यदि चंदे में पारदर्शिता चाहता है तो वह यात्रा में शामिल हो सकता है। यात्रा के दौरान वे चंदा देने वालों की रसीद और चेक की प्रतियां भी साथ लेकर चलेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम के नाम पर देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था। ऐसे में अगर उस धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।


