नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और बिहार में तनाव की छिटपुट घटनाओं के बीच ईद का त्योहार शांति से गुजरा है। इस साल रमजान के महीने की जुमा को होली पड़ी और चैत्र नवरात्रि के बीच ईद का त्योहार है। इस वजह से तनाव और हिंसा की आशंका जताई जा रही थी।
लेकिन होली की तरह ही ईद पर भी दोनों समुदायों ने शांति और सौहार्द का परिचय दिया। उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्लिम समुदाय के दो गुटों के बीच ही मारपीट हुई और उधर बिहार के किशनगंज में बिहार और पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच भी नमाज पढ़ने को लेकर विवाद हुआ। अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार आदि नेता ईद की नमाज में शामिल हुए।
ईद के मौके पर देशभर में रही शांति, कुछ जगहों पर विवाद
वाराणसी जामा मस्जिद में एक साथ बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। सड़क पर पढ़ने की अनुमति नहीं होने के चलते कुछ लोगों ने सीढ़ियों पर नमाज अदा की। मेरठ में ईद की नमाज के बाद कुछ मुस्लिम युवक एक पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे। इस पर लिखा था, ‘सड़कों पर सिर्फ मुस्लिम ही नमाज नहीं पढ़ते। शिवरात्रि सड़कों पर मनती है। कांवड़ यात्रा सड़क पर निकलती है। रामनवमी यात्रा सड़क पर निकलती है। दिवाली पर पटाखे सड़क पर फोड़े जाते हैं। गणेश चतुर्थी सड़कों पर मनाई जाती है’। गौरतलब है कि यूपी में पुलिस ने मुस्लिमों को सड़क पर नमाज पढ़ने से मना किया था।
मुरादाबाद में कई समय से नमाज पढ़ने नहीं पहुंच सके। उनका कहना था कि सुरक्षा के नाम पर उनको जगह जगह चेक किया। ऐसे में वह समय से ईदगाह नहीं पहुंच पाए। इसके बाद ईदगाह में दोबारा नमाज पढ़वाई गई। मेरठ के सिवालखास कस्बे में मुस्लिम समुदाय के दो गुटों में विवाद हो गया। इस दौरान जमकर पत्थर चले और फायरिंग हुई। सहारनपुर में नमाजियों ने फिलिस्तीन का झंडा लहराया।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव लखनऊ ईदगाह पहुंचे। उन्होंने वहां नमाजियों को ईद की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने मुझे यहां आने से रोका। मुश्किल से यहां आ सका हूं। रास्ते में कभी इतनी बैरिकेडिंग नहीं की गई’। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी लखनऊ ईदगाह पहुंचे थे। फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद भी नमाजियों से मिलने पहुंचे। बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने ईद के मौके पर भावुक होते हुए कहा, ‘इस ईद पर रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की कमी खल रही है। वे हर ईद पर आकर मेरे आवास पर मुझसे मिलते थे, बधाई देते थे’।
उधर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईद के मौके पर कोलकाता में ईदगाह मैदान पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार दंगों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी धर्मों के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार हैं। बिहार में लोगों को बधाई देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान पहुंचे। उन्होंने टोपी पहनकर प्रदेशवासियों और मुस्लिम भाई-बहनों को ईद की बधाई दी। सीएम नीतीश ने दोनों हाथ उठाकर दुआ मांगी और एक बच्चे के साथ फोटो भी खिंचवाई।
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Pic Credit : ANI
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