nayaindia Investigation Agency Not Take Action Seeing Election Calendar Gaurav Bhatia जांच एजेंसी चुनाव का कैलेंडर देखकर नहीं करती कार्रवाई: गौरव भाटिया
News

जांच एजेंसी चुनाव का कैलेंडर देखकर नहीं करती कार्रवाई: गौरव भाटिया

ByNI Desk,
Share

Gaurav Bhatia :- भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ईडी द्वारा भेजे गए तीसरे नोटिस के बावजूद जांच एजेंसी के सामने पेश होने की बजाय ईडी को समन वापस लेने का पत्र लिखने के लिए अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा कि किसी ने जांच एजेंसी को कहा हो कि मैं तुम्हे आदेश देता हूं कि अपना समन वापस लो। भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईडी का तीसरा समन पाने के बाद आज एक और बहाना सामने आया कि लोक सभा चुनाव है, इसलिए उन्हें (केजरीवाल) परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है बल्कि जनता यह जान चुकी है कि केजरीवाल कट्टर बेईमान है, जनता यह जानती है कि केजरीवाल ही शराब घोटाले के किंगपिन हैं और अब वह थर-थर कांप रहे हैं क्योंकि जैसे-जैसे जुड़ रही है कड़ी वैसे-वैसे केजरीवाल के पास आ रही है हथकड़ी।

आज ये बात करना ठीक होगा कि जो व्यक्ति लगातार तीन बार भी ईडी के सामने पेश होकर अपना जवाब ना दे वह कट्टर बेईमान है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी चुनाव के कैलेंडर को देखकर कार्रवाई नहीं करती है और केजरीवाल देश के कानून से ऊपर नहीं हैं। केजरीवाल के संबंध में यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘नौटंकी है फूल और जवाबदेही है गुल’। उन्होंने कहा कि अगर ये समन गलत है तो केजरीवाल ने न्यायालय जाकर इसे अभी तक निरस्त क्यों नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि जो अरविंद केजरीवाल यह कहते हुए राजनीति में आए थे कि अगर किसी पर आरोप लगे तो उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए , वही केजरीवाल आज ईडी को समन वापस लेने को कह रहे हैं। भाटिया ने कहा कि ईडी उन्हें नवंबर 2023 में जब पहला समन भेजती है तो वे पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव का बहाना बना लेते हैं, जब दूसरा समन दिसंबर 2023 में भेजा गया तो उन्होंने विपश्यना योग का बहाना बना लिया ।

फिर उन्हें जब तीसरा समन भेजा गया और यह उम्मीद की जा रही थी कि अगर कानून के प्रति उनके मन में सम्मान जीवित हैं और उनमें थोड़ी भी मर्यादा बची है तो वो ईडी के सामने जाकर, सारे सवालों के जवाब देंगे क्योंकि अगर उन्होंने बेईमानी नहीं की है तो फिर डरना कैसा? लेकिन ईडी के सामने पेश होने की बजाय वे पत्र लिखकर समन वापस लेने को कह रहे है। हेमंत सोरेन को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए भाटिया ने कहा कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि इंडी अलायन्स भ्रष्टाचार का पर्याय है और इसके सारे नेता या तो जेल में हैं या फिर बेल पर हैं। यह जेल या बेल पर इसलिए हैं क्योंकि ईमानदार सरकार ने जांच एजेंसियों को खुली छूट दी हुई है।

जो बात केजरीवाल के लिए कही वही बात हेमंत सोरेन के लिए भी लागू होती है कि अगर भ्रष्टाचार नहीं किया है और छुपाने के लिए कुछ है नहीं, तो फिर जांच एजेंसी के सामने पेश क्यों नही होते, पूछताछ क्यों नहीं होने देते। उन्होंने विपक्षी गठबंधन में शामिल सभी दलों पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि इन दलों को भ्रष्टाचार की कड़ी ने ही जोड़ रखा है। भाटिया ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने संविधान की शपथ ली है और उन्हें स्वयं ईडी के सामने पेश होकर सारा हिसाब देना चाहिए लेकिन उन्हें लगता है कि न खाता न बही जो अरविंद केजरीवाल कहे वही सही। यहां दाल में काला नहीं है बल्कि पूरी दाल ही काली है। (आईएएनएस)

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Naya India स्क्रॉल करें