नई दिल्ली। एक तरफ उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई उत्तरी राज्यों में हीटवेव की वजह से लोगों की जान जा रही है तो दूसरी ओर पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। लगातार हो रही बारिश से कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रविवार को असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई। राज्य के विभिन्न इलाकों में नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग, सीडब्लुसी के सुबह के बुलेटिन में बताया गया कि जोरहाट जिले के निमतिघाट में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, कामपुर में कोपिली और कामरूप जिले के पुथिमारी में भी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। सीडब्लुसी के बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र सहित कई अन्य नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण बाढ़ की पहली लहर आई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार तक राज्य के 13 जिलों में 38 हजार से कुछ ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। गुवाहाटी में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हुई है। हालांकि, बाढ़ के कारण राज्य में अब तक किसी की जान जाने की कोई सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया है कि राज्य के अलग अलग इलाकों में तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने या टूटने की जानकारी मिली है। साथ ही कई जगह कटाव भी हुआ है।
असम के अलावा पूर्वोत्त के दूसरे राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में भी बारिश हो रही है। असम के अलावा सिक्किम के तीन जिलों में भारी बारिश हुई है। चुंगथांग में शुक्रवार को भूस्खलन की वजह से नेशनल हाईवे बह गया, जिसके बाद वहां साढ़े तीन हजार पर्यटक फंस गए। सेना ने इनकों किसी तरह वहां से निकाला। अगले दिन रविवार को भी कुछ जगह पर्यटक फंसे थे।
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