नई दिल्ली। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की दर ने एक बार फिर सबको चौंकाया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर में भारत की जीडीपी 8.2 फीसदी की दर से बढ़ी है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून की जीडीपी ने भी सबको चौंकाया था। पहली तिमाही में जीडीपी की दर 7.8 फीसदी की रही थी। बताया जा रहा है कि उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी के कारण जीडीपी की रफ्तार बढ़ी है।
भारत सरकार की ओर से जारी शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण सेक्टर की विकास दर में हैरान करने वाली बढ़ोतरी हुई, जिससे जीडीपी की दर ऊपर गई। जुलाई से सितंबर के बीच फैक्टरियों में उत्पादन की दर 9.1 फीसदी रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में सिर्फ 2.2 फीसदी थी। साल दर साल के आधार पर देखें तो कृषि सेक्टर में और कंस्ट्रक्शन में सुस्ती रही है लेकिन विनिर्माण, होटल, रियल इस्टेट, ट्रेड आदि सेक्टर में तेजी रही।
गौरतलब है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के बीच ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बढ़ाया हुआ टैरिफ लागू हुआ। इसका असर कई सेक्टर में हुआ। भारत में निवेश में सुस्ती आई। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई से सितंबर तिमाही में 8.2 फीसदी की दर से बढ़ी है। यह पिछली छह तिमाहियों यानी डेढ़ साल में सबसे ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में जीडीपी बढ़ने की दर 5.6 फीसदी थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग, एनएसओ की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने, सरकारी खर्च बढ़ने और विनिर्माण की रफ्तार बढ़ने से अर्थव्यवस्था में तेजी रही। हालांकि अब भी जानकार मान रहे हैं कि जीएसटी की दरों में बड़ी कमी का असर पूरी तरह से दिखना शुरू नहीं हुआ है। उससे नतीजे और बेहतर होंगे। दूसरी तिमाही की जीडीपी बढ़ने की दर रिजर्व बैंक के अनुमान से बेहतर रही है।
बहरहाल, सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी की रफ्तार बढ़ाने में उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी का बड़ा योगदान रहा। दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2025 में उपभोक्ता खर्च की रफ्तार 6.4 से बढ़ कर 7.9 फीसदी हो गई। डेढ़ फीसदी की इस बढ़ोतरी का असर जीडीपी पर दिखा। इसी तरह विनिर्माण सेक्टर 9.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा। गौरतलब है कि एक अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास का अनुमान 6.5 से बढ़ा कर 6.8 फीसदी कर दिया था।


