तिरूवनंतपुरम। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जेल जाने की बात कह रहे हैं तो उधर केरलम में कांग्रेस की सरकार ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला किया है। 20 साल पुराने रिश्वत मांगने के एक मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस को जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला सड़क निर्माण की एक परियोजना से जुड़ा है। आरोप है कि उस समय पीडब्लुडी सचिव रहते ज्ञानेश कुमार ने कोल्लम के ठेकेदार साजन से केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद भुगतान करने के बदले दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। यह भी आरोप है कि बिल का भुगतान नहीं होने से काम कर रही मलेशियाई कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ने खुदकुशी कर ली थी।
कोल्लम के ठेकेदार साजन के मुताबिक, इंजीनियरों ने करीब 17 करोड़ रुपए के बिल मंजूर कर दिए थे, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने चेक रोक दिए। इससे मलेशियाई कंपनी, उसके ठेकेदारों और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हुई। कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने कथित तौर पर साजन को बताया था कि ज्ञानेश कुमार रिश्वत मांगे बिना भुगतान के चेक जारी नहीं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ली सी बीन ने ठेकेदारों और कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए बेंगलुरु में कंपनी के दूसरे प्रोजेक्ट से पैसे लिए थे। भुगतान न मिलने और रिश्वत मांगने के कारण ली ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी। ली ने सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम लिखा था। पहले हुई विजिलेंस जांच में उनसे और मामले की जानकारी रखने वाले दूसरे लोगों से पूछताछ नहीं की गई थी। इस बार ली के परिवार, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों को जांच के लिए पेश किया जा सकता है।
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