नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। गुरुवार को भी कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने यह मुद्दा उठाया लेकिन चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि उनको अभी तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है। इसके बाद सुनवाई टाल दी गई। असल में कांग्रेस ने बुधवार को आधी रात के बाद करीब पौन दो बजे ऑनलाइन याचिका दायर की थी और गुरुवार को सुनवाई की मांग की। सुनवाई टलने पर कांग्रेस ने नतीजे घोषित नहीं करने की भी मांग की।
उधर राज्यसभा चुनाव में नाम वापसी के आखिरी दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी ने भाजपा ने तीनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत घोषित कर दी। चुनाव आयोग ने गुरुवार को भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट को चुने जाने का सर्टिफिकेट दे दिया। गौरतलब है कि नामांकन के आखिरी दिन भाजपा ने महेश केवट को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा था। कांग्रेस ने नामांकन रद्द होने की शिकायत चुनाव आयोग से की है लेकिन उसने भी कोई फैसला नहीं किया।
इस बीच राहुल गांधी ने इसे लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया। असल में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी ने कहा, भाजपा और चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने सीट चोरी की है। कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन मामूली आपत्ति पर खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को त्रुटियां सुधारने का मौका दिया गया।
इससे पहले कांग्रेस के वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मामले की सुनवाई गुरुवार को ही की जाए, क्योंकि नाम वापस लेने की आखिरी समय सीमा गुरुवार दोपहर तीन बजे तक है। इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें अभी तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है, इसलिए जवाब देने के लिए समय चाहिए। सिंघवी ने जवाब में कहा कि अगर सुनवाई अगले दिन भी हो, तो तब तक चुनाव का नतीजा घोषित नहीं किया जाए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून पहले से स्पष्ट है और याचिका को अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।


