नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के करीब 91 लाख लोगों के नाम कटे हैं। इनमें से 27 लाख नाम तार्किक विसंगति के आधार पर काटे गए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर के मसले पर सुनवाई होगी और 27 लाख लोगों को मताधिकार से वंचित करने का मुद्दा भी उसमें उठेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।
इससे पहले 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह मतदाता सूची फ्रीज होने के खिलाफ नई याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करेगा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में एसआईआऱ प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने से जुड़े मामले में भी सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने नौ अप्रैल को बंगाल के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।
पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। यानी करीब 11.85 फीसदी वोटर कम हो गए। अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। एसआईआऱ के पहले चरण में 58 लाख नाम कटे थे। एक आंकड़े के मुताबिक 91 लाख में से 64 फीसदी नाम हिंदू मतदाताओं के हैं और 34 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं के हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


