नई दिल्ली। उत्तराखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश से कई इलाकों में बड़ा नुकसान हुआ है। इसके अलावा बिहार सहित कई राज्यों में बाढ़ के हालात बने हैं, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में भारी बारिश से पिथौरागढ़ के कुलागाड़ नाले पर बना 170 फीट लंबा बैली ब्रिज पानी तेज बहाव में बह गया। इससे चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का संपर्क टूट गया है। बताया गया है कि यह पुल 27 अगस्त को ही बनाया गया था। पुराना पुल 18 अगस्त को चट्टान गिरने से टूट गया था।
उधर छत्तीसगढ़ में भी लगातार बारिश हो रही है। इससे जांजगीर चांपा में हसदेव नदी के तेज बहाव में कॉलेज के तीन छात्र बह गए। शनिवार को एक छात्र का शव मिला। तीनों शुक्रवार को बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के आठ छात्र. छात्राओं के साथ पिकनिक मनाने देवरी गांव पहुंचे थे। नदी किनारे सेल्फी के दौरान एक छात्र का पैर फिसला, उसे बचाने के लिए कूदे दो अन्य छात्र भी बह गए।
बिहार में बाढ़ का खतरा अब भी कम नहीं हो रहा है। बारिश और नेपाल से आए पानी की वजह से आठ नदियां उफान पर हैं और 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा सहित उसकी सारी सहयोगी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उत्तर प्रदेश में भी 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और पांच लाख के करीब आबादी इससे प्रभावित है।
इस बीच मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। दमोह के निचले इलाके में पानी भर जाने की खबर है। राजस्थान के 29 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। इससे पहले शुक्रवार को राजस्थान के अलवर, सवाई माधोपुर, दौसा में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया था।
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