नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बयान देने के एक दिन बाद मंगलवार को ईरान जंग को लेकर राज्यसभा में बयान दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में जंग जारी रहती है और शांति बहाल नहीं होती है तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। उन्होंने ऐसे कठिन हालात में देश के सभी राज्यों से सहयोग की भी अपील की। पश्चिम एशिया में चल रही जंग पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री करीब 20 मिनट बोले और उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग जारी रही तो इसके नतीजे खराब होंगे।
मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है और टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘होरमुज की खाड़ी में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस व तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है’। एक दिन पहले सोमवार को प्रधानमंत्री ने लोकसभा में पश्चिम एशिया पर एक बयान दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण कहा था कि इस जंग की वजह से दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। मोदी ने कहा था, ‘हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। कोरोना के समय में जैसे अलग अलग सेक्टर से निपटने के लिए अफसरों के एम्पॉवर्ड ग्रुप बने थे, वैसे ही कल सात एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल व डीजल, फर्टिलाइजर, गैस, महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी’।
मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में भी होरमुज की खाड़ी बंद रहने का मुद्दा उठाया और कहा, ‘होरमुज की खाड़ी में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्य फंसे हैं। कॉर्मशियल जहाजों पर हमला और होरमुज जैसे जल मार्ग में रूकावट अस्वीकर है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सतत् आवागमन के लिए प्रयास कर रहा है’।


