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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आज : ट्रस्ट अध्यक्ष ने तोड़ी चुप्पी

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने जा रही अहम बैठक से ऐन पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह इस घटना से ‘बहुत आहत’ हैं और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ‘पाप’ में शामिल लोगों को ‘कड़ी से कड़ी’ सजा दिलाएंगे।

राम जन्मभूमि परिसर के अंदर अतिथिगृह में अपराह्न तीन बजे होने वाली इस बैठक में मंदिर से चढ़ावा की कथित चोरी की जांच और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे के मुद्दों पर अहम चर्चा होने की सम्भावना है।

इस बैठक से ऐन पहले अपने एक बयान में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने राम मंदिर से चढ़ावा चोरी पर खुद को ‘काफी आहत’ बताते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों को ‘कड़ी से कड़ी सजा’ देने की मांग की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि वे ”हर व्यक्ति को जो भी इस पाप से जुड़ा हुआ है, उसको सजा दिलाएंगे।

दास ने यह भी कहा कि यह मामला ”करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है और इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिये।

सूत्रों के मुताबिक गत 29 जून को सांस लेने में तकलीफ और संक्रमण की शिकायत पर महंत नृत्यगोपाल दास को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि उन्हें गत तीन जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है, लेकिन उनके सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने की सम्भावना नहीं है और इसकी कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

सूत्रों के अनुसार पहले संकेत मिले थे कि वह अपने घर से वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अब शामिल नहीं होने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार में सचिव प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद के भी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार-विमर्श होने, दान की कथित चोरी के मामले में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की जांच की समीक्षा और त्यागपत्र स्वीकार किए जाने की स्थिति में ट्रस्ट में अहम पदों पर नियुक्तियों पर चर्चा होने की संभावना है।

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सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे।

पहले यह बैठक मणि रामदास छावनी में होनी थी, मगर सुरक्षा कारणों से बैठक की जगह बदलकर मंदिर परिसर में कर दी गई है। मंदिर परिसर के पास मीडिया समेत निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट की इस बैठक से पहले इसके कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि के आवास पर बंद कमरे में एक बैठक हुई जिसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

सूत्रों के अनुसार इस चर्चा में ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन, विहिप के महासचिव बजरंग बागड़ा और केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य दिनेश कुमार भी शामिल हुए।

हालांकि बैठक में शामिल लोगों ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

इस बीच, अयोध्या के निवासियों और साधु-संतों ने कहा कि वे ट्रस्ट की बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि मंदिर में चढ़ावा चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।

यहां राम पथ पर पूजा सामग्री बेचने वाली रीमा देवी ने कहा भगवान राम के मंदिर में हुई इस चोरी से अयोध्या में हर कोई दुखी है। हमारी बस यही इच्छा है कि इसके पीछे जो भी लोग हैं उनकी पहचान हो और उन्हें सजा मिले।

मंदिर की ओर जाने वाला राम पथ सोमवार को सुनसान लग रहा था। इस दौरान मंदिर की ओर जाते हुए भक्तों के छोटे-छोटे समूह ही नजर आये।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए गत 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके आठ नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।

जांचकर्ताओं ने हटाए गए सीसीटीवी फुटेज को भी बरामद किया है, जिसमें कथित तौर पर आरोपी लोग मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय रकम छुपाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि इस मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, मगर फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है।

सूत्रों के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विवादों में घिरे ये तीनों ट्रस्ट सदस्य इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं। बैठक के दौरान ट्रस्ट द्वारा जांच की प्रगति की समीक्षा किए जाने की भी उम्मीद है।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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