जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स हैंडल को ब्लॉक कर दिया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। भारत ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं।
इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका है, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाइयों की शुरुआत की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को “निर्दोष नागरिकों पर कायराना कृत्य” करार देते हुए बुधवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक, आर्थिक और सैन्य संबंधों को लक्षित करने वाली कई कार्रवाइयों की घोषणा की।
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भारत ने दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण स्थलीय मार्ग अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों, जिनके पास वैध यात्रा दस्तावेज हैं, को 1 मई 2025 तक आईसीपी के माध्यम से स्वदेश लौटने का निर्देश दिया गया है। इस तारीख के बाद दोनों देशों के बीच सभी स्थलीय यात्रा अनिश्चितकाल के लिए निलंबित रहेगी। इसके साथ ही, सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस योजना के तहत जारी सभी वीजा रद्द कर दिए गए हैं, और इस योजना के तहत भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का भी फैसला किया है, जो 1 मई तक लागू होगा। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को सीमित करने और राजनयिक उपस्थिति को कम करने का हिस्सा है। सीसीएस ने भारतीय सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों को उच्चतम स्तर की सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया है। पहलगाम हमले के दोषियों की तलाश तेज कर दी गई है, और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक नई टीम जांच के लिए मैदान में उतरी है।
भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि वह न केवल हमले के अपराधियों, बल्कि उनके प्रायोजकों को भी जवाबदेह ठहराएगा। हाल के दिनों में तहव्वुर राणा जैसे आतंकवादियों के प्रत्यर्पण का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि भारत आतंकवादी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए वैश्विक राजनयिक प्रयास जारी रखेगा।
Pic Credit: ANI
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