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भारत-ब्राजील में बड़ा समझौता

नई दिल्ली। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने भारत आए ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दोपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौते हुए। सबसे बड़ा समझौता क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मैटेरियल्स को लेकर हुए। गौरतलब है कि भारत सहित दुनिया के ज्यादातर देश रेयर अर्थ एलीमेंट्स के लिए चीन पर निर्भर हैं। ब्राजील के साथ समझौते से भारत की चीन पर निर्भरता कम होगी।

छह दिन के राजकीय दौरे पर भारत आए ब्राजील के राष्ट्रपति ने पहले एआई समिट में हिस्सा लिया। एआई समिट समाप्त होने के एक दिन बाद शनिवार को उन्होंने भारत के साथ शिखर वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोपक्षीय वार्ता दौरान राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा, ‘आतंकवाद किसी धर्म या राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं है’।

बहरहाल, भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर जो समझौता हुआ वह भारत के लिए बहुत अहम है। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन पर भारत की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने में मददगार होगा। यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ा कर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाएगा।

ब्राजील के साथ समझौते को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील ने अगले पांच सालों में दोपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। भारत ने क्रिटिकल मिनरल्स का जो समझौता किया उसमें लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट के साथ साथ रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर फोकस रखा गया है। यह समझौता ईवी बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई टेक इंडस्ट्री के लिए बहुत अहम है।

दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और निवेश को लेकर भी समझौता हुआ है। दोनों देशों का समझौता हरित ऊर्जा की दिशा में बढ़ने में भारत की मदद करेगा। बहरहाल, शनिवार को राष्ट्रपति लूला ने भारत व ब्राजील के इकोनॉमिक फोरम को भी संबोधित किया। राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने इसमें कहा कि भारत और ब्राजील के संबंध बेहद आशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में कई समानताएं हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत और ब्राजील अब केवल विकासशील देशों के रूप में नहीं रहना चाहते, बल्कि विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकारों की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि वे व्यापार और निवेश के लिए रास्ते खोलें, ताकि कारोबारी समुदाय साझेदारी कर सके और निवेश बढ़ा सके’।

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By NI Desk

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