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खामेनेई की मौत से और भड़की जंग

नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के साझा हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है। शनिवार की देर रात को भारी बमबारी में खामेनेई मारे गए। खामेनेई की बेटी और दामाद की भी मौत हो गई है। साथ ही उनकी बहू और पोती भी मारे गए हैं। शनिवार रात के हमले में अमेरिका और इजराइल ने ईरान में बड़ी तबाही मचाई। ईरानी सेना के प्रमुख भी हमले में मारे गए। ईरान में तीन सौ लोगों की मौत होने की खबर है। इजराइली वायु सेना ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटे में इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर 12 सौ से ज्यादा बम गिराए हैं।

शनिवार ती रात को खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती सहित कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए। हमले के समय खामेनेई सैन्य कमांडरों के साथ मीटिंग कर रहे थे। सबसे पहले रात एक बजे के करीब इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने खामेनेई के मारे जाने का दावा किया। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसका दावा किया था। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की।

खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। रविवार को ईरान ने इजराइल सहित पश्चिम एशिया के कई देशों में हमले किए। खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि धार्मिक नेता अलीरेजा अराफी को अस्थायी रूप से ईरान का नेतृत्व सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है। दो साल पहले खामेनेई ने मोजतबा को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।

इस बीच रविवार को ईरान की समाचार एजेंसियों ने पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत का दावा किया। बताया गया कि उनकी मौत रविवार को एक हवाई हमले में हुई। दावा किया जा रहा है कि इजराइल और अमेरिका के साझा हवाई हमले में तेहरान के उत्तर पूर्वी इलाके नारनाक में अहमदीनेजाद के घर को निशाना बनाया गया। हमले में अहमदीनेजाद के साथ उनके कई बॉडीगार्ड्स के भी मारे जाने की खबर है।

उधर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद जामकरान मस्जिद पर ‘इंतकाम का झंडा’ फहराया गया है। ईरानी शिया परंपरा में लाल झंडा शहादत और बदले का प्रतीक माना जाता है। जब किसी बड़े धार्मिक या राजनीतिक नेता की हत्या होती है, तो लाल झंडा फहराना इस बात का संकेत होता है कि ‘खून का बदला लिया जाएगा’। यह ऐलान करने के साथ ही ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल के ऊपर बड़ा हमला किया। उसने इजराइल अलावा पश्चिम एशिया के 10 देशों को निशाना बनाया गया। ईरान के हमले की वजह से दुबाई और अबूधाबी हवाईअड्डे को बंद करना पड़ा। उसने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास भी हमला किया। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे ओमान के ऊपर भी ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े के साथ साथ ईरान ने कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

By NI Desk

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