नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान के साथ बातचीत हो रही है और बहुत सकारात्मक बातचीत हो रही है तो दूसरी ओर ईरान ने दावा किया था कि ट्रंप के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप तेल की कीमतें कम करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। दोनों में किसकी बात सही है इसका अंदाजा अगले एक दो दिन के घटनाक्रम से चल जाएगा।
इससे पहले खबर आई थी कि ईरान ने युद्धविराम के लिए तीन नई शर्तें रखी हैं। साथ ही ईरान ने यह भी कहा है कि वह पहले से तय योजना के हिसाब से ही काम कर रहा है। गौरतलब है कि ईरान ने युद्धविराम के लिए पहले तीन शर्त रखी थी, जिसमें तीन और शर्तें जोड़ी गई हैं। युद्धविराम की वार्ता और शर्तों की बातों से ऐसा लग रहा है कि युद्ध धीमा पड़ सकता है। हालांकि इन बातों के बीच ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने राष्ट्रपति ट्रंप का मजाक भी उड़ाया और हमला जारी रखने की भी बात कही।
बहरहाल, ईरान के एक अधिकारी ने योजना के हिसाब से काम करने की बात करते हुए तीन नई शर्तें बताईं। ईरान की एक शर्त यह है कि खाड़ी इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए। इसके अलावा उसने होनमुज की खाड़ी के लिए नए नियम बनाने की शर्त ऱखी। उसकी तीसरी शर्त यह है कि ईरान के खिलाफ माने जाने वाले मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनका प्रत्यर्पण किया जाए।
इससे पहले ईरान ने कहा था कि वह युद्धविराम के लिए तभी राजी होगा, जब भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की गारंटी दी जाए। उसकी एक शर्त यह थी कि युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए और पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध खत्म किए जाएं। ईरान ने धमकी देने के अंदाज में कहा था कि अगर उसको मुआवजा नहीं दिया गया तो वह अमेरिका से मुआवजा वसूल लेगा।
मध्यस्थ देशों के जरिए हो रही वार्ता के बीच ईरान ने रविवार रात इजराइल की राजधानी तेल अवीव सहित कई शहरों पर क्लस्टर बम दागे। इस हमले में 15 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर है। कई घरों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद इजराइल ने भी सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले किए।
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