नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर ईरान के खिलाफ हमले की चेतावनी दी है। और यह तब जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अगले चरण की समझौता वार्ता हो रही है। ट्रंप ने ईरान पर लेबनान के हमलावर समूहों को फंडिंग करने का आरोप लगाते हुए उन पर रोक लगाने को कहा। उन्होने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका हमला करेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई पोस्ट में लिखा है, ”ईरान को तुरंत लेबनान में अपने उन समूहों को रोकना चाहिए, जिन्हें वह पैसे देकर समर्थन देता है। वे परेशानी पैदा कर रहे हैं। अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया, तो हम ईरान पर फिर से बहुत कड़ा हमला करेंगे, जैसा हमने पिछले हफ्ते किया था, लेकिन इस बार उससे भी ज्यादा जोरदार तरीके से।’ अमेरिका और ईरान के बीच अगले चरण की बातचीत रविवार शाम को शुरू हुई है। अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंचा। उसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी बातचीत के लिए रविवार को स्विट्जरलैंड पहुंचे।
इस वार्ता में मध्यस्थ के तौर पर शामिल होने पकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भी स्विट्जरलैंड में है। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। पाकिस्तानी पीएम के साथ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी मौजूद रहे।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस समय मैं पूरी ईमानदारी के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसकी वजह से आज यह बैठक संभव हो पाई है।’ शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे लगता है कि यहां होने वाली बातचीत बहुत अच्छी होगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में बेहद सकारात्मक और उपयोगी नतीजे लेकर आएगी। मैं अमेरिकी टीम का नेतृत्व करने के लिए उपराष्ट्रपति को भी उनके बेहतरीन नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।


