नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो से तीन हफ्ते में ईरान पर बड़े हमले की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर अमेरिकी फौज का ईरान पर हमला जारी है। अमेरिका ने ईरान के सबसे ऊंचे पुल पर हमला करके उसे उड़ा दिया। करीब चार हजार करोड़ रुपए की लागत से बना यह पुल पश्चिम एशिया का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। इसी तरह अमेरिकी हमले में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी घायल हो गए हैं। उनके तेहरान स्थित घर पर गुरुवार को अमेरिका ने हमला किया।
इस हमले में खराजी की पत्नी की मौत हो गई और खराजी को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती किए गए। खराजी अभी ईरान की स्ट्रैटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के चेयरमैन हैं। यह संस्था सीधे देश के सर्वोच्च नेता को सलाह देती है और विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है। बताया जा रहा है कि खराजी हाल के दिनों में पाकिस्तान के साथ युद्धविराम को लेकर बैक चैनल वार्ता कर रहे थे। इससे पहले खराजी ने संकेत दिया था कि ईरान परोक्ष रूप से बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। हालांकि उन्होंने एक इंटरव्यू में यह भी कहा था कि अमेरिका के साथ कूटनीति के लिए फिलहाल कोई जगह नहीं है।
उधर ईरान भी अमेरिका और इजराइल के हमले का जवाब दे रहा है। ईरान ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन के क्लाउड कंप्यूटिंग फैसिलिटी पर हमला किया। असल में ईरान ने खाड़ी देशों में काम कर रही अमेरिका की 18 बहुराष्ट्रीय कंपनियों की एक सूची जारी करके कहा है कि वह इन पर हमला करेगा।


