नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर रोज ईरान के लिए एक नई धमकी और एक नई टाइमलाइन जारी कर रहे हैं। उनका एक अल्टीमेटम अभी चल ही रहा था कि उन्होंने दूसरा भी जारी कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को छह अप्रैल तक की मोहलत दी थी और कहा था कि अगर ईरान डील नहीं करता है तो वे उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। अब उन्होंने डील नहीं करने पर ईरान को पाषाण युग यानी स्टोन ऐज में ले जाने की धमकी दी है और टाइमलाइन आगे बढ़ा कर दो से तीन हफ्ते की कर दी है।
ईरान ने ट्रंप की धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका का इतिहास ढाई सौ साल का है, जबकि ईरान छह हजार साल की सभ्यता वाला देश है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका की धमकियों से नहीं डरता है। बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को भारतीय समय के मुताबिक सुबह आठ बजे अपने देश को संबोधित किया। करीब 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने कोई नई बात नहीं कही।
राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। हालांकि साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका दो से तीन हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा।
एक तरफ वे यह धमकी दे रहे थे और दूसरी ओर उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है। ट्रंप ने 19 मिनट के भाषण कोई नया ऐलान नहीं किया। वही बातें दोहराईं जो पिछले कुछ समय से कहते रहे हैं। उन्होंने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें। उन्होंने कहा कि इराक की जंग आठ साल और वियतनाम की जंग 19 साल चली थी, जबकि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है। उन्होंने युद्ध को जरूरी बताते हुए अमेरिकी लोगों से कहा, ‘यह आपके बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है’।
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