नई दिल्ली। ईरान ने भारत के तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों को होरमुज की खाड़ी से सुरक्षित निकलने का रास्ता दे दिया है। ईरान ने कहा है कि भारत उसका दोस्त है इसलिए वह उसके जहाजों को होरमुज की खाड़ी से गुजरने की इजाजत दे रहा है। ईरान ने तुर्किए के जहाजों को भी वहां से गुजरने की इजाजत दी है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को कहा है कि उनका देश भारत को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध हैं। शुक्रवार को ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से चौथी बार बात की।
बहरहाल, राजदूत फतहाली मीडिया से बातचीत कर रहे थे, इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या ईरान भारत को होरमुज की खाड़ी में रास्ता देगा। इस पर फतहाली ने कहा, ‘हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप दो-तीन घंटे में ऐसा होते देखेंगे’। इसका अर्थ है कि शुक्रवार से ही भारत के जहाजों की आवाजाही होरमुज की खाड़ी से हो जाएगी। ईरान के राजदूत ने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सहयोग और विश्वास का रिश्ता रहा है।
हालांकि उधर ईरान के हमले में ओमान में दो भारतीय मारे गए हैं। ओमान के सोहर प्रांत में ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई। खबरों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके बाद उसका मलबा गिरने से यह हादसा हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन हमले में 11 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें 10 भारतीय हैं। विदेश मंत्रालय के गल्फ डिवीजन में अधिकारी असीम महाजन ने बताया कि यह घटना मस्कट के पास स्थित सोहार शहर में हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित कंपनी के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि घायलों को हर संभव मदद दी जा सके। साथ ही भारतीय दूतावास मरने वालों के शव भारत भेजने की प्रक्रिया में भी मदद कर रहा है।
उधर जयशंकर ने ईरान जंग शुरू होने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से चौथी बार फोन पर बात की। जयशंकर ने कहा कि भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर अऱाघची ने अमेरिका और इजराइल पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों को ईरान पर हुए हमलों की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स जैसे मंचों से भी इस समय शांति और स्थिरता बनाए रखने में भूमिका निभाने की अपील की।


