नई दिल्ली। जंग शुरू होने के 25 दिन के बाद ईरान ने जीत का दावा किया है। उसने अमेरिका की ओर से किए जा रहे युद्धविराम के प्रयासों को उसकी हार करार दिया है। ईरान ने कहा कि अमेरिका अपनी हार को समझौते का नाम दे रहा है। इतना ही नहीं ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी सैनिकों और सैनिक बेड़ों की तैनाती पर उसकी नजर है। उसने अमेरिका के युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागने की बात कही है और साथ ही यह भी कहा कि कर अमेरिकी पोत रेंज से बाहर चला गया है। रेंज में आएगा तो ईरान फिर हमला करेगा।
बताया जा रहा है कि ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ से मध्यस्थों की बात हो रही है। लेकिन बुधवार को खुद गालिबाफ ने कहा है कि तेहरान क्षेत्र में अमेरिका की हर गतिविधि, खासकर सैनिकों की तैनाती, पर करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘जनरलों ने जो नुकसान किया है, उसे सैनिक ठीक नहीं कर सकते। हमारे इरादे परखने की कोशिश मत करो’।
इससे पहले ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किए जा रहे बातचीत के दावे का मजाक उड़ाते हुए बुधवार कहा कि अमेरिका दरअसल खुद से ही बातचीत कर रहा है। ईरानी सेना के खातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफघारी ने सरकारी टीवी पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड वीडियो में कहा, ‘आप जिस ताकत की बात करते थे, वह अब नाकामी में बदल गई है। आप खुद को दुनिया की महाशक्ति कहते हैं, लेकिन अगर यह ताकत आपके पास होती तो अब तक इस हालात से बाहर निकल चुके होते। अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए। आपके खोखले वादों का दौर अब खत्म हो चुका है’।
दूसरी ओर खबर है कि अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के एक हजार से ज्यादा सैनिकों को पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है। ईरानी सेना की ओर से दावा किया गया है कि क्रूज मिसाइलों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। बयान में कहा गया है कि मिसाइल ने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। अमेरिका की ओर से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उधर इजराइल यह मान रहा है कि समझौता वार्ता हो रही है लेकिन हमले भी जारी रखे हुए है। उसने बुधवार को तेहरान पर बड़ा हमला किया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक ईरान पर 15 हजार से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह पिछले साल जून में हुए 12 दिन के संघर्ष की तुलना में चार गुना ज्यादा है।
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