नई दिल्ली। अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई उपलब्धियों के लिए केंद्र सरकार ने चंद्रयान-चार मिशन को मंजूरी दे दी है। इस मिशन का मकसद अंतरिक्ष यान को चंद्रमा पर उतारना, वहां की मिट्टी का नमूना इकट्ठा करना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है। कैबिनेट ने वीनस ऑर्बिटर मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी बीएएस) की स्थापना को भी मंजूरी दे दी। इसका मतलब है कि अंतरिम में अब भारत का भी अपना एक स्टेशन होगा।
बहरहाल, कैबिनेट ने तय किया है कि दोनों मिशन को एक साथ साल 2028 तक लॉन्च किया जाएगा। पहला मिशन चंद्रयान-चार है, जिसके लिए 2,104 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। मिशन में दो अलग अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। दूसरे मिशन यानी वीनस ऑर्बिटर मिशन के लिए 1,236 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसे मार्च 2028 में लॉन्च किया जाना है। इसका मुख्य मकसद शुक्र की सतह और वायुमंडल के साथ साथ शुक्र के वायुमंडल पर सूर्य के प्रभाव के बारे में हमारी समझ को बढ़ाना है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.
Image Source: ANI

