अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्पण
इसरो अब बस वह ज्ञान एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा, जिसका उपयोग निजी कंपनियां करेंगी। यह कम बड़ी विडंबना नहीं है कि इसरो के बारे में इतनी बड़ी घोषणा एक निजी कंपनी के चेयरमैन ने की है! प्राइवेट सेक्टर उच्च तकनीक सहित हर क्षेत्र में कदम रखे और प्रतिस्पर्धा करे, यह उचित नीति है। लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी उसे ना सिर्फ लंबे समय में कड़ी मेहनत से विकसित अपनी तकनीकें सौंप दे, बल्कि उसके हित में मैदान खाली करने के लिए अपने उद्यम भी समेट ले, यह गलत एवं आपत्तिजनक होगा। नरेंद्र मोदी सरकार देश की शान समझे जाने...
