नई दिल्ली। ममता बनर्जी के बाद अब अरविंद केजरीवाल भी अपनी पैरवी के लिए अदालत में खुद पेश होंगे। शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान केजरीवाल ने इस केस की जज स्वर्ण कांता शर्मा से कहा कि वे इस केस से खुद को अलग करें। इसके बाद केजरीवाल ने कहा कि वे खुद दलीलें रखेंगे। केजरीवाल ने कहा, ‘अभी तक मैंने किसी को भी अपना वकालतनामा नहीं दिया है’।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस अर्जी को रिकॉर्ड पर लेते हुए इसकी सुनवाई 13 अप्रैल के लिए तय की। साथ ही सीबीआई को मंगलवार, 7 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अन्य कोई पक्ष भी यदि ऐसी अर्जी देना चाहता है तो दे सकता है। गौरतलब है कि सीबीआई ने विशेष अदालत के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 22 आरोपियों को शराब घोटाले केस में बरी कर दिया था।
विशेष अदालत ने केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत देते हुए इस मामले में सीबीआई जांच की कड़ी आलोचना की थी। विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने नौ मार्च को कहा था पहली नजर में विशेष अदालत की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी।


