न्याय होता दिखे भी!
सवाल यह नहीं है कि केजरीवाल की दलीलें कितनी वजनदार थीं। मुद्दा केजरीवाल का यह कहना है कि उन्हें न्यायमूर्ति शर्मा से इंसाफ मिलने का भरोसा नहीं है। इस शक का साया आगे की कार्यवाही पर भी पड़ा रहेगा। यह घिसा-पिटा कथन, लेकिन महत्त्वपूर्ण मानदंड है कि इंसाफ ना सिर्फ होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए। और ऐसा तब कतई नहीं हो सकता, जब जज पर विवाद से संबंधित किसी एक पक्ष को भरोसा ना हो। दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका ठुकराते हुए इस अति...