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महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को दिया अंजाम, शिवसेना में शामिल हुए यूबीटी के 6 बागी सांसद

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उथल-पुथल दिखने को मिला। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने सोमवार को ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम दिया, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में फूट पड़ गई। यूबीटी गुट के छह लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो गए।  

छह बागी सांसदों में ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद), नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी), संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी) और संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व) शामिल हैं।

इस राजनीतिक उथल पुथल के बाद लोकसभा में शिवसेना यूबीटी की संख्या 9 से घटकर 3 हो गई है, जबकि शिंदे गुट की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। उद्धव ठाकरे के साथ बचे सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजभाऊ वाजे (नासिक) हैं।

दिल्ली में संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों के अनुपस्थित रहने से दरार साफ दिखने लगी थी। यह अटकलें तब हकीकत में तब्दील हो गईं, जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजकर अलग गुप के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया। छह सांसदों के एक साथ आने से उन्होंने दलबदल विरोधी कानून को दरकिनार कर दिया, जिसके तहत अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है।

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नागेश आष्टीकर और ओमराजे निम्बालकर ने स्वीकार किया कि दो साल तक विपक्ष में रहने से उनके निर्वाचन क्षेत्रों को विकास निधि से वंचित रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपए की सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) प्रतिबंधात्मक थी और राज्य समर्थित निधि के बिना काम चलाना उनके जमीनी प्रभाव को कमजोर कर रहा था।

आष्टीकर ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि उद्धव ठाकरे के प्रति उनके मन में कोई व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं है, लेकिन उन्होंने संजय राउत जैसे वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिल्ली बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद प्रदर्शित ‘अपमानजनक भाषा’ और अविश्वास की आलोचना की।

ओमराजे निम्बालकर का दलबदल सत्र न्यायालय द्वारा उनके पिता पवनराजे निम्बालकर की हत्या के आरोपियों को बरी किए जाने के बाद हुआ। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात करवाई और उन्हें आश्वासन दिया कि सीबीआई इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्र यवतमाल, वाशिम और हिंगोली से शुरुआत करते हुए नुकसान को कम करने के लिए राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने दलबदलुओं पर चुनाव के बाद अपनी कीमत बढ़ाकर खुद को बेचने का आरोप लगाया।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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