कोलकाता। पश्चिम बंगाल के माल्दा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके अलावा 34 और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना के 48 घंटे के अंदर पुलिस ने आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाईअड्डे से पकड़ा। वह बेंगलुरु भागने की फिराक में था।
मोफक्करुल इस्लाम कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील है। वह 2011 में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम का उम्मीदवार रह चुका है। मोफक्करुल पर आरोप है कि मालदा के सुजापुर में एसआईआर में नाम कटने के विरोध प्रदर्शन में एक अप्रैल को उसने भड़काऊ भाषण दिया। इससे लोग भड़क गए और हजारों लोगों ने कलियाचक के बीडीओ ऑफिस को घेर लिया। दो गेट बंद कर दिए गए, जिससे सात न्यायिक अधिकारी नौ घंटे ऑफिस के अंदर बंधक रहे। देर रात एक बजे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में अधिकारियों को बाहर निकाला गया था।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को इस पर बहुत नाराजगी जताई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए को सौंप दी है। एक टीम माल्दा पहुंच चुकी है। माल्दा बंधक मामले की जांच एनआईए की डीआईजी सोनिया सिंह कर रही हैं। वे शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचीं, जिसके बाद सीधे माल्दा के लिए रवाना हो गईं। प्रारंभिक जांच के बाद ही एनआईए इस मामले में केस दर्ज करेगी। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को एनआईए अपनी हिरासत में ले सकती है। इस बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां तैनात करने का आदेश दिया है।
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