नई दिल्ली। राज्यसभा में उप नेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा मुखर होकर आम आदमी पार्टी का विरोध करने लगे हैं। उन्होंने हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया में कहा कि उनको खामोश कराया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करके कहा, ‘मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है’। राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने आम आदमी के मुद्दे उठाए, इससे आप को क्या नुकसान हुआ? चड्ढा ने पार्टी के किसी नेता का नाम लेकर कुछ नहीं कहा। उन्होंने पार्टी छोड़ने या आगे की रणनीति को लेकर भी कुछ नहीं कहा।
राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने उन पर हमला किया। अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव चड्ढा सदन में पार्टी के मुद्दे उठाने के बजाय एयरपोर्ट की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने की बात करते उठाते थे। सदन में पार्टी के लाए प्रस्ताव पर भी उन्होंने दस्तखत करने से मना कर दिया था। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा को कंप्रोमाइज्ड करार देते हुए कहा कि अगर कोई पार्टी लाइन के खिलाफ जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी राघव चड्ढा पर निशाना साधा। आप के चार बड़े नेताओं ने चड्ढा को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब केजरीवाल अरेस्ट हुए तो पूरी पार्टी दिल्ली में सड़कों पर थी लेकिन राघव चड्ढा आंखों के ऑपरेशन की बात कह ब्रिटेन में थे। आप ने यह भी कहा कि संसद में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी से सवाल नहीं पूछते, वह मोदी से डरते हैं। पार्टी की ओर से कहा गया कि पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पर दस्तखत करने से राघव चड्ढा ने इनकार किया और पार्टी के वॉकआउट पर सदन से बाहर नहीं आए।


