कोलकाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे जाने के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ममता ने शुक्रवार को धरना शुरू किया था और वे पूरी रात धरने की जगह पर ही रहीं। ममता ने शुक्रवार, छह मार्च को दोपहर दो बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को अलग करने की कथित योजना को लेकर भी केंद्र पर हमला किया और कहा कि भाजपा ने ऐसा किया तो उसका जवाब दिया जाएगा।
धरने के दूसरे दिन समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों के सामने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाना हटाना बंगाल को बांटने के इरादे से किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल को बांटकर वोट छीनने की योजना बना रही है। भाजपा नेताओं पर हमला करते हुए ममता ने कहा, ‘वे अन्य राज्यों में बंगाली भाषी लोगों को परेशान कर रहे हैं और बंगालियों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं’।
धरने की जगह पर ममता बनर्जी के साथ पार्टी के सारे विधायक और अन्य बड़े नेता मौजूद रह रहे हैं। शनिवार को ममता ने बजट में घोषित अपनी योजनाओं को दोहराते कहा कि 10वीं पास कर चुके 21 से 40 साल के युवा बेरोजगार लड़के, लड़कियों को सात मार्च से हर महीने डेढ़ हजार रुपए मिलेंगे। यह सहायता मूल रूप से अप्रैल में शुरू होने वाली थी, लेकिन अब यह तुरंत शुरू हो जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि एलपीजी की कीमतें फिर से बढ़ा दी गई हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘अब आपको 21 दिन पहले गैस बुक करानी होगी, तो अगर आपके घर में गैस खत्म हो जाए तो आप 21 दिन क्या करेंगे? खाएंगे क्या? क्या आप घर पर खाना मंगवाएंगे? यहां तक कि केरोसिन का कोटा भी कम कर दिया गया है’।


