ममता को कितने मोर्चे पर लड़ना है?
सचमुच भारतीय जनता पार्टी की विरोधी पार्टियों के लिए चुनाव लड़ना, चुनाव जीतना और जीतने के बाद सरकार चलाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। हर पार्टी को एक से ज्यादा मोर्चे पर लड़ना होता है और एक मोर्चे पर कमजोर लड़ाई का असर बाकी सब पर भी पड़ता है। पहले चुनाव होते तो सिर्फ चुनाव होता था। पार्टियां चुनावी सभा करती थीं, मतदाताओं को मोबिलाइज करती थीं, बूथ प्रबंधन का काम करती थीं, लेकिन अब इन पारंपरिक तरीकों से चुनाव नहीं लड़ा जाता है। खास कर अगर भाजपा की प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी हों तो उनकी मुश्किलें और ज्यादा होती...