कोलकाता। आरजी कर अस्पताल में नौ अगस्त को जूनियर डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के विरोध में पिछले 39 दिन से प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है। दो दिन पहले सोमवार को ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद माना जा रहा था कि अब हड़ताल खत्म हो जाएगी। ममता बनर्जी ने हड़ताली डॉक्टरों की पांच में से तीन मांगें मान ली थीं और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को हटा भी दिया था।
ममता सरकार के तीन मांग मान लेने के बाद भी हड़ताल खत्म करने से इनकार करते हुए डॉक्टरों ने बुधवार को बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को ईमेल भेजकर एक और मीटिंग की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगें अभी आधी पूरी हुई हैं। डॉक्टर राज्य के स्वास्थ्य एनएस निगम को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। साथ ही अस्पतालों में धमकी देने की संस्कृति खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
बुधवार की शाम को मुख्य सचिव ने 30 डॉक्टरों को शाम मिलने के लिए बुलाया। इससे पहले 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टर और ममता बनर्जी के बीच मीटिंग हुई थी। इसमें ममता ने डॉक्टरों की पांच में से तीन मांगें मान ली थीं। उन्होंने मंगलवार को पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटाया था। उनकी जगह मनोज वर्मा को कमिश्नर बनाया गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को भी हटा दिया।
इस बीच जूनियर डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने ताला पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अभिजीत मंडल को निलंबित कर दिया। अभिजीत को सीबीआई की की टीम ने 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.
Image Source: ANI


