नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की वजह से इस बार मन की बात का उनका मासिक कार्यक्रम एक हफ्ते पहले प्रसारित हुआ। आमतौर पर हर महीने की आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं। इस बार 18 जून को ही उनका यह कार्यक्रम प्रसारित हुआ क्योंकि वे 20 जून से 25 जून तक अमेरिका और मिस्र की यात्रा पर रहने वाले हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में बिपरजॉय तूफान से प्रभावित गुजरात के कच्छ के लोगों के साहस की तारीफ की। उन्होंने आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि वह भारतीय इतिहास का काला अध्याय है। गौरतलब है कि 25 जून को आपातकाल की बरसी होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवात बिपरजॉय से गुजरात के कच्छ जिले में हुई तबाही का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि वहां के लोगों ने जिस मजबूती से उसका मुकाबला किया, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कच्छ के लोग जल्दी ही इस तबाही से उबर जाएंगे। रेडियो पर प्रसारित मन की बात की 102वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए मोदी ने प्रकृति के संरक्षण को प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने का एक बड़ा तरीका बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- चक्रवात बिपारजॉय ने कच्छ में कितना कुछ तहस-नहस कर दिया, लेकिन कच्छ के लोगों ने जिस हिम्मत और तैयारी के साथ इतने खतरनाक चक्रवात का मुकाबला किया, वह भी उतना ही अभूतपूर्व है। आत्मविश्वास से भरे कच्छ के लोग चक्रवात बिपरजॉय से हुई तबाही से जल्द उबर जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का जोर नहीं होता, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आपदा प्रबंधन की जो ताकत विकसित की है, वह आज एक उदाहरण बन रही है।
मोदी ने कहा- आजकल मॉनसून के समय में इस दिशा में हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसलिए आज देश ‘कैच द रेन’ जैसे अभियानों के जरिए सामूहिक प्रयास कर रहा है। समय से पहले मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे 21 से 24 जून तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। मोदी ने कहा- आप सब जानते ही हैं, अगले हफ्ते मैं अमेरिका में रहूंगा और वहां बहुत सारी भागदौड़ भी रहेगी। इसलिए मैंने सोचा वहां जाने से पहले आपसे बात कर लूं।
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