नई दिल्ली। दिल्ली में चल रहे पांच दिन के एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के पहले दिन भारी अव्यवस्था और लोगों को हुई परेशानी के लिए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी है। दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में चल रहे इस सम्मेलन के पहले दिन बड़ी भीड़ जुटी थी। लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नेट कनेक्टिविटी से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक खराब था। समिट में शामिल होने पहुंचे स्टार्टअप फाउंडर्स को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के कारण बाहर निकाल दिया गया था। लोगों को बाहर घंटों इंतजार करना पड़ा।
पहले दिन हजारों की संख्या में स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक एक्सपर्ट्स और विदेशी डेलीगेट्स पहुंचे थे। भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के कारण गेट पर लंबी कतारें लग गईं। ग्लोबल टेक कंपनियों के प्रतिनिधि और डेलीगेट्स को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ फाउंडर्स ने सामान चोरी होने की शिकायत की है। इसे लेकर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार, 17 फरवरी को कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिट है। पहले दिन ही 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचे। अब इंतजाम ठीक हैं, लेकिन अगर कल किसी को परेशानी हुई तो हम उसके लिए माफी मांगते हैं।
अश्विनी वैष्णव ने पहले दिन की गड़बड़ियों के हवाले से कहा कि सरकार सुझावों के लिए तैयार है और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है, जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। असल में सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे कई लोगों ने सोशल मीडिया में पोस्ट लिख कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले सुरक्षा जांच के नाम पर उन्हें उनके ही स्टॉल से बाहर कर दिया गया। स्टार्टअप ‘नियो सेपियन’ के सीईओ धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि सुरक्षा जांच के लिए जब उन्हें स्टॉल से बाहर भेजा गया, तब उनके कीमती एआई वियरेबल्स गायब हो गए।
एआई समिट में हुई अव्यवस्था पर कांग्रेस ने एक सोशल मीडिया लिखी, जिसमें उसने लिखा, ‘दिल्ली में एआई समिट हो रहा है, लेकिन वहां के हालात बहुत ही भयानक हैं। समिट में मिसमैनेजमेंट से फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के लिए मेन हॉल खाली करा दिया गया और एग्जिबिटर्स को उनके ही पेड स्टॉल्स से निकाल दिया गया’।
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